worship of lord shiva

भगवान शिव की पूजा में शंख का प्रयोग नहीं होता है, और न ही इन्हें शंख से जल दिया जाता है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा है। इसका उल्लेख ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है।

सावन में प्रतिदिन भगवान की शिव की पूजा बहुत ही फलदायी है। भगवान शिव बहुत ही भोले और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव है । राशि के अनुसार करें भगवान शिव की पूजा उनके अभिषेक से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी प्रकार विभिन्न राशि के व्यक्तियों के लिए पूजा का अलग अलग महत्व है...