Wuhan

जापान के मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. तास्कू होन्जो ने एक सनसनी खेज खुलासा किया है। उन्होंने मीडिया को स्पष्ट रूप से बताया कि कोरोना वायरस कोई स्वाभाविक रूप से फैला हुआ वायरस नहीं है।

कोरोना वायरस को लेकर शुरूआत से ही चीन पर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। चीन के वुहान प्रांत से फैले इस महामारी को लेकर अब चीन ने मान लिया है कि कोरोना वायरस वुहान के जंगली जीवों के मार्केट से नहीं फैला।

बता दें कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ही अकेले सिर्फ 14500 से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं। और सिर्फ मुंबई में अब तक 528 लोगों की मौत हो चुकी है।

एक तरफ अमेरिका चीन की वुहान लैब पर दुनिया को मौत का वायरस देने का आरोप लगा रहा है तो दूसरी तरफ दुनिया के तकरीबन कई देशों की लैब में जिंदगी बचाने के लिए टीका बनाने की होड़ मची हुई है।

कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। इस महामारी के फैलाने को लेकर चीन की वुहान लैब पर दुनिया भर शक जता रही है। वुहान में चमगादड़ पर रिसर्च मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार में फंसते दिख रहे हैं।

कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर अमेरिकी, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने चीन पर अंतरराष्ट्रीय जांच कराने का दबाव बनाया है। इस दबाव का सामना...

देश में कोरोना का सबसे ज्यादा कहर महाराष्ट्र के बाद गुजरात में दिख रहा है। यहां अभी तक इस वायरस ने 300 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है और करीब साढ़े तीन हजार लोग इस वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं।

जीनोम सीक्वेंसिंग टेक्नोलोजी से किए गए रिसर्च में यह खुलासा हुआ कि वायरस जितनी तेजी से फैल रहा है उतनी ही तेजी से म्यूटेट कर रहा है या अपना आकार भी परिवर्तित कर रहा है।

कोरोना वायरस की शुरुआत को लेकर चीन पूरी दुनिया के निशाने पर है। तमाम मीडिया रिपोर्टों में इस बात का दावा किया गया है कि यह वायरस चीन के वुहान शहर से ही दुनिया के दूसरे मुल्कों तक पहुंचा।

चीन के वुहान में कोरोना का कहर अभी थम नहीं है वहीं यहां पर कोरोना मरीजों का इलाज करते समय यहां के दो डॉक्टर यी फैन और हू वाइफैंग कोरोना से संक्रमित हो गए।