yogi adityanath

इन दिनों सत्ता के गलियारों में एक ही सवाल गूंज रहा है कि कौन बनेगा यूपी का मुख्य सचिव ? वर्तमान मुख्य सचिव अनूप चंद पाण्डे का कार्यकाल आगामी 31 अगस्त को खत्म हो रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पांडेय को छह महीने का सेवा विस्तार पहले ही दिया जा चुका है।

पेयजल के माध्यम से फैलने वाले संक्रामक रोगों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने संक्रामक रोग की समस्या वाले क्षेत्रों में साफ पानी आपूर्ति करने की योजना तैयार करके उस पर अमल भी शुरू कर दिया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रूस यात्रा पर कटाक्ष करते हुये कहा है कि मुख्यमंत्री को दूर के ढोल सुहावने लगते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग पूरे प्रदेश में बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान चला रहा है। इस कड़ी में स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन के अवसर पर 'बालिका सुरक्षा शपथ' लिए जाने का निर्णय किया गया है

योगी सरकार किसानो के खेत में मृदा में सूक्ष्म तत्वों की कमी को दूर करने एवं भूमि सुधार के लिए जिप्सम वितरण की योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। किसानो को कृषि विभाग से जिप्सम खाद पर 75 फीसदी अनुदान पर वितरण कराया जायेगा।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से अराजकता की स्थिति है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ को प्रभावहीन बताते हुये कहा कि उनकी कोई बात न तो उनके सहयोगी मंत्री सुन रहे हैं और न ही अधिकारी। भ्र

यूपी आज कल तबादला एक्सप्रेस चल रही है, जिस पर सीएम योगी ने अपनी निगाह टेढ़ी कर रखी है। तबादलों को धंधा बनाने वालों के उपर मुख्यमंत्री कार्यालय की नज़र है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि भाजपा सरकार ने एक दिन में 22 करोड़ पौधारोपण की दावेदारी को 'पर्यावरण महाकुंभ' बना दिया। अजीब बात है कि भाजपा की हर योजना को कुंभ की श्रेणी में रख दिया जाता है।

अब बेसहारा गोवंश की रक्षा के लिए कोई भी व्यक्ति आगे आकर उनकी मदद कर सकता है। इसके लिए राज्य सरकार उनकी मदद करेगी। प्रदेश में 10 से 12 लाख बेसहारा गोवंश होने का अनुमान है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राजनीतिक गठजोड़ में व्यस्त भाजपा देश की आर्थिक दुर्दशा का कारण बन गई है। खेती, उद्योग व शेयर बाजार सब हताशा के दौर से गुजर रहे हैं। बेरोजगारी चरम पर है और कारोबार चैपट हो गए हैं। जनता अब खुद को ठगा महसूस कर रही है।