पर्यटन

सुना होगा कि कई देशों में रोबोट रेस्टोरेंट काम कर रहे। जो बात सुनने में रोमांचित करती है वो देखने में कितना इंटरेस्टिंग होगा। इसके लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि अब विदेशों की तरह भारत में भी रोबोट, रेस्टोरेंट में खाना परोसने लगे है। ऐसा सच में देखना चाहते है तो ओडिशा आइए।

आज गांधीजी की जयंती है तो सब गांधी जी के साथ उनके आदर्शों व उनसे जुड़े खादी को याद करना नहीं भूलते है। लेकिन साल के 365 दिन जहां महात्मा गांधी की 'स्वदेशी' प्रेम की भावना बनी रहती है, वह जगह है नीलगिरी जिले के तीन गांव,

इस गांव में रिवाज थोड़े दूसरे हैं। यह गांव अपनी विरासत का पालन बखूबी कर रहा है लेकिन यहां पुलिस का आने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। यही नहीं, यहां पर तो शराब, सिगरेट और चमड़े का सामान लेकर आना भी सख्त माना है।

शारदीय नवरात्रि शुरु होने वाली है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री रूप की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले ही दिन माता के दर्शन के लिए मंदिरों में भक्तों की लम्बी कतार लग जाती है। कानपुर का बारा देवी मंदिर पौराणिक और प्राचीनतम

लोगों को भारत घूमने के साथ-साथ विदेश घूमने का भी बहुत शौक होता है लेकिन लोग बजट देखकर अपने प्लान को आगे नहीं बढ़ाते हैं। और विदेश घूमना सिर्फ सपना ही रह जाता है। लेकिन हम आपके इस शौक इस सपने को सच कर दिखाने में आपकी मदद करते हैं।

घाटी और उसके आसपास की सुंदरता को देखने के लिए दो टेलिस्कोप हाउस कोडई में स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा कोडईकनाल में सौर भौतिक वेधशाला, डोलमेन सर्कल, थालाइयर झरना की भी आप सैर कर सकते है।

वैसे तो दुनिया में अपने आप में बेहद खास और अनोखी खूबी रखने वाली बहुत सी जगहें हैं। जिन लोगों को घूमने का शौक होता हैं उन्हें उनमें से बहुत सी जगहों के बारें में आपकों पता भी होगा लेकिन इसी दुनिया में एक ऐसा पुल भी है जो पुल पर चलने वाले का साक्षात मौत का दर्शन करा देता है।

इसके साथ ही चौक-चौराहे और सार्वजनिक जगहों पर बीड़ी, पान, सुपारी, शराब आदि के प्रयोग पर 500 रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। गरिफेमा ने नगालैंड में अन्य गांवों के लिए ही नहीं बल्कि देश के दूसरे हिस्से के लिए भी उदाहरण पेश किया है।

वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम हर दो साल में अपनी एक रिपोर्ट जारी करता है। भारत की बात करें तो व्यापार और पर्यटन क्षेत्र में देश ने दक्षिण एशिया के अन्य देशों के मुकाबले जबरदस्त काम किया है।

पोंगल एक प्रकार का व्यंजन है जिसे गुड़, नारियल और केले के निश्चित मात्रा को मिलाकर बनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह देवी का पसंदीदा पकवान है। धार्मिक कार्य प्रात:काल ही शुरु हो जाते हैं और दोपहर तक चढ़ावा तैयार कर दिया जाता है।