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Hourly Hotel Booking India: अब पूरे दिन का किराया क्यों दें? भारत में तेजी से बढ़ रहा ‘कुछ घंटों के लिए होटल’ बुक करने का ट्रेंड
Hourly Hotel Booking India 2026: 3, 6 या 12 घंटे के लिए होटल बुक करने का ट्रेंड भारत में तेजी से बढ़ रहा है। जानिए क्यों यात्री और होटल दोनों इसे पसंद कर रहे हैं।
Hourly Hotel Booking India 2026
Hourly Hotel Booking India 2026: एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार हो, ट्रेन बदलने के बीच कुछ घंटे आराम करना हो या फिर किसी दूसरे शहर में इंटरव्यू और मीटिंग के लिए जाना हो अब इसके लिए पूरे दिन का होटल किराया चुकाने की जरूरत नहीं है। भारत में ‘शॉर्ट-स्टे’ या ‘ऑवरली होटल बुकिंग’ का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जहां यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से केवल कुछ घंटों के लिए होटल का कमरा बुक कर सकते हैं। बदलती लाइफस्टाइल, डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म और बढ़ते घरेलू पर्यटन ने इस मॉडल को हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का नया गेमचेंजर बना दिया है।
भारत में होटल बुकिंग का तरीका तेजी से बदल रहा है। लंबे समय तक होटल उद्योग में यही व्यवस्था रही कि चाहे यात्री को कुछ घंटे रुकना हो या पूरी रात, उसे पूरे दिन का किराया चुकाना पड़ता था। लेकिन अब यह तस्वीर बदल रही है। देशभर में हजारों होटल ऐसे मॉडल को अपना रहे हैं जिसमें ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक 3, 6, 9 या 12 घंटे के लिए भी कमरा बुक कर सकते हैं। इसे ‘शॉर्ट-स्टे’ या ‘ऑवरली स्टे’ मॉडल कहा जाता है और यह खासकर उन यात्रियों के बीच लोकप्रिय हो रहा है जिन्हें थोड़े समय के लिए आराम, काम या फ्रेश होने की जरूरत होती है।
एक यात्रा अनुभव से शुरू हुई नई सोच
इस ट्रेंड को बढ़ावा देने वाले कई स्टार्टअप्स की शुरुआत यात्रियों की वास्तविक समस्याओं से हुई। ऐसे ही ट्रेंड में चल रहे एक प्लेटफॉर्म Bag2Bag यानी 'शॉर्ट स्टे' सुविधा की शुरुआत तब हुई जब इसके संस्थापक को यात्रा के दौरान केवल कुछ घंटों के लिए होटल कमरा चाहिए था, लेकिन होटल ने पूरे दिन का किराया मांगा और अंततः कमरा देने से मना कर दिया। यहीं से एक ऐसे प्लेटफॉर्म का विचार जन्मा जो यात्रियों को उनकी जरूरत के अनुसार होटल उपलब्ध करा सके। आज यह कंपनी 10,000 से अधिक प्रॉपर्टीज के साथ काम कर रही है, जिनमें हजारों स्थानों पर ऑवरली स्टे की सुविधा मौजूद है।
तेजी से बढ़ रहा है शॉर्ट-स्टे बाजार
Bag2Bag के अलावा Brevistay, MiStay, Hourly Rooms और Qwiksta जैसे कई एप्लेटफॉर्म इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियां भी अब अपने ग्राहकों को ऑवरली बुकिंग का विकल्प देने लगी हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की जरूरतों में बड़ा बदलाव आया है। लोग अब सुविधा के साथ लचीलापन यानी फ्लेक्सिबिलिटी चाहते हैं। यही कारण है क्या कि केवल जरूरत के समय के लिए भुगतान करने वाला मॉडल तेजी से स्वीकार किया जा रहा है।
अब सिर्फ कपल्स तक सीमित नहीं रहा उपयोग
कुछ साल पहले तक ऑवरली होटल बुकिंग को मुख्य रूप से कपल्स से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन अब इसकी उपयोगिता का दायरा काफी बढ़ चुका है।
आज बिजनेस ट्रैवलर मीटिंग से पहले आराम करने के लिए, छात्र परीक्षा या इंटरव्यू के दौरान, परिवार लंबी यात्रा के बीच विश्राम के लिए और ट्रांजिट यात्री फ्लाइट या ट्रेन के इंतजार के दौरान इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी सुविधा को इस उद्योग की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
होटलों को भी हो रहा है जमकर मुनाफा
यह मॉडल केवल यात्रियों के लिए ही फायदेमंद नहीं है, बल्कि होटल व्यवसाय के लिए भी कमाई का नया जरिया बनकर उभरा है।
आमतौर पर सुबह चेक-आउट और शाम के नए चेक-इन के बीच कई कमरे खाली रहते हैं। ऑवरली बुकिंग के जरिए होटल इन खाली घंटों को भी राजस्व में बदल रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बिजनेस हब के आसपास स्थित होटलों को इस मॉडल से सबसे अधिक लाभ मिल रहा है। कई मामलों में एक ही कमरा दिन और रात में अलग-अलग ग्राहकों को देकर होटल अपनी आय बढ़ाने में सफल हो रहे हैं।
एडवांस टेक्निकल सिस्टम से आसान हुआ ये मॉडल
शॉर्ट स्टे जैसे विकल्प की शुरुआती दौर में होटल मालिकों को बार-बार चेक-इन और चेक-आउट की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण लगती थी। लेकिन आधुनिक होटल मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल चैनल मैनेजर के आने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। अब होटल आसानी से अलग-अलग समय स्लॉट के हिसाब से कमरे उपलब्ध करा सकते हैं और ग्राहक कुछ मिनटों में ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
होटल उद्योग की मजबूत ग्रोथ का भी मिल रहा सहारा
भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इस समय मजबूत विस्तार के दौर से गुजर रहा है। घरेलू पर्यटन में रिकॉर्ड वृद्धि, कॉर्पोरेट ट्रैवल की वापसी, डेस्टिनेशन वेडिंग्स, कॉन्फ्रेंस और MICE गतिविधियों ने होटल उद्योग की मांग को लगातार बढ़ाया है। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि मांग और ऑक्यूपेंसी में बढ़ोतरी के बीच शॉर्ट-स्टे मॉडल होटलों को अतिरिक्त कमाई का अवसर दे रहा है।
चुनौतियां अभी भी मौजूद
इस क्षेत्र की ग्रोथ भले ही तेज हो चुकी है, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। सुरक्षा को लेकर यात्रियों की चिंताएं, कुछ लोगों की सामाजिक झिझक, होटल ब्रांड इमेज से जुड़ी आशंकाएं और जागरूकता की कमी इस उद्योग के सामने प्रमुख बाधाएं हैं।
इसके अलावा एक ही कमरे में दिनभर कई बार ग्राहकों के आने-जाने से संचालन और हाउसकीपिंग से जुड़ी अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि युवा यात्रियों की बदलती सोच, डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच और घरेलू पर्यटन में लगातार वृद्धि के कारण आने वाले वर्षों में शॉर्ट-स्टे बाजार और तेजी से विस्तार कर सकता है।


