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आजादी की पहली सुबह और लखनऊ, जानिए 11 रोचक बातें

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RishiBy Rishi

Published on 6 Aug 2018 11:23 AM GMT

आजादी की पहली सुबह और लखनऊ, जानिए 11 रोचक बातें
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लखनऊ : स्वतंत्रता दिवस आने वाला है, दिलों में देशभक्ति हिलोरे मारने लगी है। लेकिन आप में से कुछ को ही पता होगा कि 15 अगस्त 1947 की सुबह नवाबों के शहर लखनऊ में क्या-क्या हुआ था।

जानिए क्या हुआ था उस पहली सुबह

  1. नवनियुक्त राज्यपाल सरोजनी नायडू लखनऊ मेल से सुबह सात बजे दिल्ली से राजधानी लखनऊ पहुंची।
  2. स्टेशन पर उन्हें लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सरोजनी रेलवे स्टेशन से सीधे राजभवन पहुंचीं।
  3. यहां उन्होंने सुबह ठीक आठ बजे आजाद भारत का पहला झंडारोहण किया। सड़कों पर लोगों का हुजूम था।
  4. हजरतगंज से विशेश्र्वरनाथ रोड तक हजारों की भीड़ जमा थी।
  5. शहर की सड़कों पर ढोल-नगाड़े के साथ जश्न का माहौल था। मिठाई की दुकान हो या दूध की दुकान हर तरफ आजादी का जश्न का माहौल था। मुफ्त में मिठाई व दूध बांटा जा रहा था।
  6. अखबार देख लोग उसे पढ़ने के लिए बेताब हो रहे थे।
  7. सभी को जानना था कि गोरों के साथ कांग्रेस का क्या समझौता हुआ। एक डर भी था दिलों में कि कहीं फिर से अंग्रेजों का कोई नया खेल न शुरू हो जाए।
  8. मुस्लिम टीले वाली मस्जिद में अल्लाह से देश को आजादी मिलने का शुक्रिया अदा करने कर रहे थे।
  9. मंदिरों में विशेष पूजन का आयोजन किया गया था।
  10. कैसरबाग बारादरी में ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन ने झंडा फहराया था। राजा विशेश्र्वर दयाल सेठ ने भी पायनियर हाउस में झंडारोहण किया था। इसी दिन शाम को छह बजे अमीनाबाद पार्क में मीटिंग भी हुई थी, लिहाजा शाम होते ही भीड़ उधर बढ़ चली। शहर रोशनी से जगमगा रहा था। गोमती में महिलाएं और बच्चे स्वतंत्रता की देवी को दीप अर्पित कर रहे थे।
  11. दिलों में उमंग और उत्साह था, चारो तरफ देशभक्ति की भावना का उफान था। बहुत खास थी आज़ादी की वो पहली सुबह।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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