Top

अब कौन करेगा रूबी का कन्यादान? शादी से 10 दिन पहले पटरियों पर बिखरी खुशियां

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 20 Nov 2016 7:26 AM GMT

अब कौन करेगा रूबी का कन्यादान? शादी से 10 दिन पहले पटरियों पर बिखरी खुशियां
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

कानपुर: ऊपर तस्वीर में आप शॉल ओढ़े जिस लड़की को हैरान-परेशान हालात में देख रहे हैं, उसकी आंखे सिर्फ अपने पापा को खोज रही हैं। भीड़ में, मलबे में, लाशों के बीच रूबी को सिर्फ अपने पापा चाहिए, लेकिन इस लड़की की तलाश है कि खत्म ही नहीं हो रही। एक हादसे ने उसकी सारी खुशियों पर ग्रहण लगा दिया है।

रूबी की 1 दिसंबर को शादी होने वाली है। मम्मी, पापा और भाई-बहनों के साथ वह बनारस जा रही थी, लेकिन नहीं पता था कि खुशियों का यह सफर आधी रात के बाद खौफनाक मंजर में तब्दील होने वाला है। पूरा परिवार पलकों पर बेटी की शादी के सपने सजाकर ट्रेन में बैठा था। सोचा था काशी पहुंचकर अपनी प्यारी बिटिया के लिए बनारसी साड़ियां खरीदेंगे। धूमधाम से शादी होगी और दुआओं के साथ विदाई। ऐसे न जाने कितने सपने और आने वाली खुशियों को अपने दामन में छिपाकर पूरा परिवार सो गया।

girl-01

रूबी और उसके परिवार को कहां पता था कि रात 3 बजकर 10 मिनट पर एक तेज आवाज के बाद सारे सपने मलबे में दफन हो जाएंगे। खुशियां खामोशी की चादर ओढ़ लेंगी और चेहरा सवालों का घर बन जाएगा। बोगियां जब पटरी से उतरीं तो मंजर ऐसा था कि उसे देखकर रूबी सहम गई। उसकी बहन खुशी तो उसे मिल गई, लेकिन पूरा परिवार गुम हो गया। काफी देर तक खोजने के बाद उसे पता चला कि उसकी घायल मां गायत्री देवी गुप्ता हॉस्पिटल में भर्ती हैं, लेकिन एक और बहन अर्चना, भाई अभिषेक और पापा रामप्रसाद गुप्ता का कुछ पता नहीं है।

girl-02

रूबी अपनी बहन खुशी के साथ फोन पर अपने पापा, बहन और भाई की फोटो दिखाकर सबसे पूछ रही है कि क्या आपने इन्हें कहीं देखा है। प्लीज मुझे कहीं से मेरे पापा वापस ला दो। इंदौर से हंसी-खुशी ट्रेन में बैठा यह परिवार बनारस पहुंचने से पहले ही पटरियों पर बिखर गया।

Rishi

Rishi

आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

Next Story