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'यहां बना ‘यूएफओ लैंडिंग पैड’, बनाने वाले का दावा-एलियन ने कह-उसे बनाने को'

suman

sumanBy suman

Published on 30 Aug 2018 4:00 AM GMT

यहां बना ‘यूएफओ लैंडिंग पैड’, बनाने वाले का दावा-एलियन ने कह-उसे बनाने को
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जयपुर:दुनिया में ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो दूसरे ग्रह के प्राणियों के वजूद और उनके साथ अपने संपर्क के बारे में बताते हैं। ऐसी ही एक घटना अर्जेंटीना में हुई। अर्जेंटीना के रेगिस्तान के बीच में एक व्यक्ति ने ‘यूएफओ लैंडिंग पैड’ बनाया गया है। यूएफओ का मतलब ‘अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग आब्जेक्ट है, जो उड़न तस्तरियों के लिए इस्तेमाल होता है। उस व्यक्ति ने दावा किया कि एलियंस ने सपने में आकर उसे लैंडिंग पैड बनाने को कहा। लैंडिंग पैड सितारा के आकार में सफेद और भूरे रंग की चट्टानों को मिला कर बनाया गया है, जिसे ‘ओवनिपोर्ट’ कहा जाता है।

यह साल्टा प्रांत में कची के छोटे शहर में है। मान्यता है कि स्विस नागरिक वर्नर जैस्ली ने इसे बनाया है। जैस्ली ने बाह्य अंतरिक्ष की तलाश में इस क्षेत्र की यात्रा की थी। हाल के दिनों में बड़ी संख्या में लोग इस साइट को देखने के लिए आ रहे हैं, क्योंकि यह अपने आप में आश्चर्यजनक है। इस जानकारी को हवाई छवियों द्वारा हाइलाइट किया गया है। अर्जेंटीना की यात्रा के बाद जैसल ने यह दावा किया कि उन्हें एलियंस से ‘टेलीपैथिक संदेश’ मिला है। इसमें उसे बताया गया है कि उन्हें धरती पर उतरने के लिए एक जगह चाहिए।

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उसने अर्जेंटीना में एक न्यूज पेपर से बातचीत में कहा कि एलियंस हमारे सिर से लगभग 100 मीटर ऊपर उतरे। उनके साथ प्रकाश की एक पुंज आया, जिसमें हमें अपनी चमक दिखाई दी। यह हमारी दृष्टि को प्रभावित नहीं करता। इस दौरान दिमाग ने कोई संदेश ग्रहण किया, यह वास्तव में एलियंस का आदेश था। उन्होंने मुझे टेलीपैथिक रूप से हवाई अड्डे के निर्माण के बारे में पूछा। सन 2008 में 48 मीटर व्यास का एक बड़ा सितारा बनाया गया। पर्यटकों के साथ यूएफओ के लिए उत्साही लोगों के बीच यह साइट बेहद लोकप्रिय है।

हालांकि, ‘ओवनिपोर्ट’ के निर्माण के तुरंत बाद कची के आस-पास के स्थानीय लोगों को जैसल नहीं दिखे। जैसल ने बड़ी दाढ़ी रखा रखी थी और वह अक्सर पुरोहितनुमा पोशाक पहनते थे। ऐसा माना जाता है कि वह बोलीविया चले गए। कुछ लोगों ने यह भी अनुमान लगाया कि वह वापस स्विट्जरलैंड चले गए।

ऐसा उन लोगों का मानना है जो विश्व की अंतरिक्ष एजेंसियों में काम करते हैं और चंद्रमा पर हो आए हैं या फिर बरसों अनुसंधान कर चुके विश्वविख्यात जर्नलिस्ट हैं। अमेरिका के तीन चौथाई नागरिक उड़नतश्तरियों के अस्तित्व के बारे में पूरी तरह आश्वस्त हैं

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