उत्तर प्रदेश

वीर सावरकर की फ़ोटो पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट में लगी थी। इसी बीच कुछ छात्रों ने उनकी फोटो उखाड़ फेंकी और उसपर स्याही फेंक दी। आरोप है आइसा से जुड़े छात्रों ने इस घटना को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही एवीबीपी के छात्र भी सामने आ गए और हंगामा करने लगे।

नाम बदलने को लेकर सांसद सतीश गौतम ने कहा कि पूर्व में भी अलीगढ़ को उसकी प्राचीन नाम हरिगढ़ दिलाने की मांग उठाई जा चुकी है। शासन स्तर पर भी अवगत कराया गया है। हरिगढ़ नाम होना चाहिए।

बताते चलें कि अभी हाल ही में चाचा- भतीजे यानि शिवपाल और अखिलेश यादव एक साथ नेता जी के घर पर दिखााई दिए थे जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुलायम सिंह यादव का हाल चाल जानने उनके घर पहुंचे थे।

जिले के पूर्व डीएम प्रशांत कुमार की कुर्सी छिन चुकी है। गर्म तेवर के चलते उनका ये हाल हुआ। लेकिन वो जितने गर्म थे उतने ही नरम। वो ऐसे कि एक स्टाफ के खिलाफ ग़लत हुआ, उसकी सेवा समाप्त कर दी गई। वो भी योगी सरकार के मंत्री के निर्देश पर। अंत में डीएम ने मंत्री को सबक सिखाते हुए नर्स को बहाली दिला दी।

इस बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। चिकित्सा शिक्षा,औद्योगिक विकास,भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग,राज्य संपत्ति विभाग से जुड़े कई प्रस्ताव कैबिनेट में पेश होंगे।

बारात 21 नवंबर को धूमधाम से निकाली जाएगी। यह बारात विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए 28 नवंबर को जनकपुर पहुंचेगी। 29 नवंबर को दशरथ मंदिर के प्रांगण में तिलकोत्सव, 30 नवम्बर को कन्या पूजन के अलावा मटकोर का आयोजन किया जाएगा।

सुबह 11 बजे राजकीय पलिटेक्निक लखनऊ में औचक निरीक्षण पर पहुंची प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने उपस्थिति पंजिका अपडेट न पाये जाने पर नाराजगी जाहिर की। अपने औचक निरीक्षण के दौरान श्रीमती कमलरानी वरूण ने क्लास रूम में जाकर बच्चों से बात की और उनकी परेशानियों को भी सुना।

इस खुलासा तब हुआ जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के निरीक्षण में हॉट मिक्स प्लांट चलता मिला। बोर्ड अधिकारी ने जिला प्रशासन को इसकी रिपोर्ट सौंपी है। हालांकि इस मामले में मीडिया से बात करने से हर अधिकारी अब कतरा रहा है।

राज्य सरकार खादी को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके तहत अब उसने एक ऐसी योजना बनाई है जिसमें अधिक और बेहतर उत्पादन करने वाली इकाईयों को इनाम दिया जाएगा।

कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के वकील मुकुल मिश्रा की अर्जी पर दिया है। सीआरपीसी की धारा 156 3 के तहत अर्जी पेश कर अर्जीदाता ने एसडीएम सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने के लिए आदेश जारी करने की मांग की है।