सर्राफा कारोबियों ने जताया विरोध, 8 रुपए में बेची जेटली चाय

आगरा: सर्राफा कारोबारियों ने चाय बेचकर आम बजट में सोने और हीरे की ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का विरोध किया। सोमवार को एमजी रोड पर सोना बेचने वालों ने 8 रुपए में जेटली चाय, 6 रुपए में नमो 24 कैरेट चाय, बीजेपी 22 कैरेट चाय और एक रुपए में विपक्षी दल चाय बेची। उन्होंने चाय बेचने को सर्राफा कारोबारियों का मेक इन इंडिया स्टार्टअप बताया। सर्राफा कमेटी ने वित्तमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा है।

सर्राफा कारोबारियों ने पहले मोदी टी स्टाल लगाया और फिर लोगों को चाय बेचना शुरू किया। उनका कहना है कि जब तक एक्साइज ड्यूटी खत्म नहीं की जाती, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। सरकार ने एक परसेंट जो टैक्स बढ़ाया है, उससे किसी भी कारोबारी को ज्यादा परेशानी नहीं है, लेकिन एक नए विभाग से अब सामना नहीं करना चाहते। पहले से ही कागजी कार्रवाई से व्यापारी परेशान हैं।

बढ़ा दें कस्टम ड्यूटी
 केंद्र सरकार आयात होने वाले सोने पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी वसूल रही है। ये सोना रॉ मैटेरियल के रूप में प्रयोग होता है। इसका महज 50 फीसदी ही आभूषणों में उपयोग हो पाता है। अगर राजस्व ही बढ़ाना है तो कस्टम ड्यूटी 10 की जगह 11 प्रतिशत कर दें। इससे एक्साइज की अपेक्षा कहीं ज्यादा टैक्स मिल जाएगा।

तीसरी बार कारोबारी कर रहे आंदोलन
सोने, हीरे के आभूषणों पर केंद्र सरकार दो बार एक्साइज ड्यूटी लगाने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन दोनों ही बार व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण कदम पीछे खींचने पड़े। साल 2005 में केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत एक्साइज लगाया था, जबकि 2012 में एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। दोनों ही बार व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन बंद कर सरकार को फैसला वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया। यह तीसरा मौका है, जब व्यापारी एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ लंबे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

    Tags:

और ख़बरें