70 फीसदी हिस्सा कोरोना से रहा दूर, जबकि दुनिया में है कोहराम

इस बात की गवाही सरकारी आंकड़े भी दे रहे हैं जिनके अनुसार देश के कुल 509 जिले अभी तक कोरोना के संक्रमण से बचे हुए हैं। मात्र 211 जिलों में कोरोना वायरस के मामले पाए गए हैं। देश में कुल 720 जिले हैं। लगभग 40 फीसदी जिले यानी देश का आधा हिस्सा संक्रमण से बचा हुआ है। हमें इसको बढ़ाना है।

लखनऊ। सरकार परेशान है कोरोना से लड़ने की चुनौती दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि देश के 70 फीसदी जिले अभी तक कोरोना के संक्रमण से बचे हैं। निसंदेह यह हमारी जागरुकता है जिसने इन जिलों को अब तक बचाए रखा है। संक्रमित जिलों के लोगों का अब ये कर्तव्य है कि इस वायरस जहां तक फैल चुका है वहीं खत्म कर दें।

इस बात की गवाही सरकारी आंकड़े भी दे रहे हैं जिनके अनुसार देश के कुल 509 जिले अभी तक कोरोना के संक्रमण से बचे हुए हैं। मात्र 211 जिलों में कोरोना वायरस के मामले पाए गए हैं। देश में कुल 720 जिले हैं। लगभग 40 फीसदी जिले यानी देश का आधा हिस्सा संक्रमण से बचा हुआ है। हमें इसको बढ़ाना है।

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जो लोग बचे हुए हैं उन्हें मास्क पहनकर दूसरों को भी मास्क पहनने हाथ धोने के लिए प्रेरित करना चाहिए।  कुछ बड़े राज्यों में 40 फीसदी से भी अधिक जिले इस वायरस के संक्रमण से बचे हैं। जबकि राज्यों की बात करें तो बहुत से राज्यों का 70 फीसदी से अधिक हिस्सा संक्रमण से बचा है।

ये काम किया इसलिए बचे

जो लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे हैं इन्होंने कोई बहुत अच्छे काम नहीं किये हैं जो ये बच गए। ये वो लोग हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री के लक्ष्मण रेखा न लांघने वाले निर्देश का पालन किया। मुंह पर मास्क लगाया। सरकारी आंकड़े भी बता रहे हैं कि 50 फीसदी लोग मास्क लगा रहे हैं। और जो लोग कोई नियम कानून नहीं मानते हैं उन 30 फीसदी से अधिक लोगों में संक्रमण फैला है।

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कहा भी गया है कि तब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत। यदि आज नहीं चेते तो कल इसका मौका नहीं मिलेगा। तब्लीगी जमात के जिन जमातियों ने कोरोना को छिपाकर इसका संक्रमण फैलाने का मंसूबा बनाया था वह अपनी ही कौम और परिवार के दुश्मन बन गए हैं। इससे संक्रमित होने वालों में खुद जमातियों के ही करीबी और मददगार शामिल हैं। कोई धर्म दूसरे का बुरा करने की शिक्षा नहीं देता। इसलिए कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी को दुश्मन मानिये। इससे दूरी बनाकर रखने में ही सबकी भलाई है।

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