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VIDEO: RELAUNCH के बाद एक बार फिर फेल हुआ मैगी मसाले का सैंपल

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AdminBy Admin

Published on 9 March 2016 7:17 AM GMT

VIDEO: RELAUNCH के बाद एक बार फिर फेल हुआ मैगी मसाले का सैंपल
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बाराबंकी: आपकी मैगी री-लॉन्च होने के बाद एक बार फिर से विवादों में घिरती नजर आ रही है। बुधवार को बाराबंकी की एफडीए टीम ने सफेदाबाद कस्बे में एक जनरल स्टोर की दुकान पर सैंपलिंग की थी। यहां मिले मैगी नूडल्स के टेस्टमेकर यानी मैगी मसाले में लेड की मात्रा फिर ज्यादा पाई गई है। नियमों के मुताबिक, मैगी मसाले में लेड की मात्रा . 88 होनी चाहिए, मगर जांच के बाद ये मात्रा 1 . 85 पाई गई है, जो कहीं ज्यादा है।

ये रिपोर्ट लखनऊ स्थित फूड एनालाइसिस ने जारी की है। मैगी के जिन नमूनो को एफडीए ने 19 फरवरी, 2016 को सैंपल के लिए भरा था, उसका बैच नंबर 53210455TA है और कोड नंबर BBK-259/15-16 है। इन पर मैन्यूफैक्चरिंग डेट 11/2015-B पड़ी हुई है। इन सैंपल्स को एफडीए की टीम ने 22 फरवरी को लैब में टेस्ट के लिए भेजा था।

बाराबंकी के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज वर्मा ने बताया, ''विक्रेता और कंपनी को नोटिस भेजी जाएगी और अगर वो इस जांच से संतुष्ट हैं तो ठीक है। अगर संतुष्ट नहीं हैं तो वो अपने खर्चें पर नमूनों को रेफरल लैब भेज सकते हैं। वहां की रिपोर्ट आखिरी मानी जाएगी। अगर जांच के लिए कंपनी या विक्रेता की तरफ से प्रत्यावेदन नहीं आएगा तो अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा किया जाएगा और उसके तहत पांच लाख तक का जुर्माना भी होगा। नोटिस भेजने के बाद एक माह तक इंतजार किया जाएगा और तब तक अपील नहीं करते है तो मुकदमा दाखिल किया जाएगा ''

और क्या कहा खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ?

- अपर आयुक्त खाद्य ने एक अभियान चलाया था, जिसके तहत 5 फरवरी को निर्देशित किया गया था कि पानी और नूडल्स के सैंपल्स जांच के लिए लखनऊ लेब्रोरेटरी भेजे जाएं।

-उसी दिन सफेदाबाद में सुधांशु कूल कार्नर से मैगी नूडल्स का नमूना लिया गया और जांच के लिए लखनऊ भेज दिया गया।

-कल मिली जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मैगी मसाला में लेड की मात्रा 1 फीसदी होनी चाहिए, लेकिन इसमें 1 . 85 पर्सेंट पाई गई है।

नीचे पढ़िए, पूरी जांच रिपोर्ट...

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पहले भी मैगी पर मच चुका है बवाल

2 मार्च 2015 : होली के दौरान बाराबंकी जिले में ईजी-डे के एक स्टोर से मैगी नूडल्स के नमूने जांच के लिए लिए गए। गोरखपुर की सरकारी लैब में जांच हुई तो इसमें लेड की मात्रा 2.5 पीपीएम लेवल से ज्यादा मिली। नमूने को जांच के लिए दोबारा कोलकाता की केंद्र सरकार की लैब में भेजा गया, जहां इसमें लेड 17.2 पीपीएम पाया गया।

30 अप्रैल 2015 :उत्तर प्रदेश के फूड और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने नेस्ले से मैगी नूडल्स के फरवरी 2014 के बैच को वापस लेने को कहा।

29 मई 2015 :सरकार ने FSSAI से मामले की जांच करने को कहा। FSSAI ने अलग-अलग राज्यों से जांच के लिए और नमूने लिए।

01 जून 2015 : फूड और कंज्यूमर मिनिस्टर रामविलास पासवान ने कहा कि यदि उत्पाद की गुणवत्ता खराब पायी जाती है तो इसका प्रचार करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

02 जून 2015 :बिहार की एक अदालत ने मैगी का प्रचार करने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रिटी जिंटा के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

02 जून 2015 : केरल ने मैगी की बिक्री पर रोक लगाई।

03 जून 2015 : दिल्ली सरकार और उत्तराखंड ने प्रदेश में मैगी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया। बिग बाजार रिटेल चैन चलाने वाले फ्यूचर ग्रुप, सेना की कैंटीन और केंद्रीय भंडार ने भी अपने स्टोरों से मैगी हटाई।

04 जून 2015 :जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, असम, गुजरात और नेपाल ने भी मैगी पर लगाई रोक।

04 जून 2015 :तमिलनाडु राज्य उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग (TSCDRC) ने अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रिटी जिंटा को नोटिस भेजा। राज्य में मैगी को 3 महीने के लिए बैन कर दिया गया है।

05 जून 2015 : नेस्ले इंडिया ने बाजार से मैगी नूडल्स वापस लेने की घोषणा की।

05 जून 2015 :मध्य प्रदेश और बिहार में एक महीने के लिए मैगी बैन।

05 जून 2015 :FSSAI ने पूरे देश में मैगी नूडल्स के उत्पादन, आयात, बिक्री पर रोक लगाई।

09 नवंबर 2015: नेस्ले ने मार्केट में फिर री-लॉन्च की मैगी।

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