रिहायशी इलाकों में सड़क किनारे वाहन पार्क करने पर कार्रवाई हो : हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज की यातायात व पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया और मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी से 16 अगस्त 19 को अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा मांगा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज की यातायात व पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया और मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी से 16 अगस्त 19 को अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा मांगा है।

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने प्रयागराज सिविल लाइंस एरिया की पार्किंग समस्या को लेकर कायम जनहित याचिका पर दिया है।

पार्किंग स्थल व वेंडिंग जोन तय करना होगा

कोर्ट ने शहर की यातायात के सुचारू रूप से संचालन प्रभावी कदम उठाने का भी निर्देश दिया है और मंडलायुक्त के नेतृत्व में गठित कमेटी को पार्किंग स्थल व वेंडिंग जोन तय कर कार्यवाही रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने एसएसपी को निर्देश दिया है कि पार्किंग स्थल के अतिरिक्त कोई वाहन रोड साइड व फुटपाथ पर पार्क न होने दें और सिस्टमेटिक पार्किंग व्यवस्था करे ।

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कोर्ट ने कहा कि रिहायशी एरिया में सड़क पर वाहन पार्क करने पर दंडात्मक कार्यवाही की जाय। महत्वपूर्ण सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे से ट्रैफिक व पार्किंग की निगरानी की जाय।

यातायात नियमों को पालन न करने वालों पर कार्रवाई हो

यातायात नियमों को पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाय। कोर्ट ने जिला प्रशासन को आदेश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि होटल, रेस्टोरेंट, बारात घर, क्लब आदि स्थलों के बाहर सड़क पर वाहन पार्क न पाये।

पार्किंग प्लेस तय किये जाय। ऐसी संस्थाओं के मालिकों तथा प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाई की जाय। सड़क पर बारात लेकर जाने को नियंत्रित किया जाय, सड़क के एक किनारे से बारात निकले ताकि ट्रैफिक में अवरोध न उत्पन्न हो।

बारात घर में ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत ही ध्वनि प्रसारण की अनुमति दी जाय। नियमों को न मानने पर साउंड एम्पलीफायर जब्त कर लिए जाय।

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कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस को दो पहिया वाहनों की स्पीड लिमिट सुनिश्चित करने तथा हेलमेट न पहनने पर कार्यवाई करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने चार पहिया वाहनों पर लगी काली फिल्म हटाने तथा वाहन के अंदर की दर्शनीयता सुनिश्चित करने को भी कहा है।

प्रमुख सचिव शहरी विकास ने मंडलायुक्त के नेतृत्व में कमेटी गठित की है जिसमें जिलाधिकारी, एसएसपी, पीडीए के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, एसपी ट्रैफिक, पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर एवं प्रयागराज के चीफ टाउन प्लानर शामिल है।

कोर्ट के सामने नीम सराय आवास योजना की एडीए कालोनी निवासी अपुल मिश्र ने अर्जी देकर शिकायत की है कि मुख्य सड़क पर बारात घर के कारण सड़क पर वाहन पार्क होने से यातायात बाधित हो रहा है।

हेलमेट न पहनना जीवन के लिए भी घातक

यह भी कहा कि हेलमेट न पहनना न केवल ट्रैफिक नियम का उल्लंघन है वरन यह जीवन के लिए भी घातक है।अंतरिम निर्देश जारी करने से पहले कोर्ट ने प्रयागराज (इलाहाबाद) शहर के महत्व की चर्चा की और कहा कि यह धार्मिक व शैक्षिक सेंटर है।

देश के चार चार्टर्ड हाईकोर्ट में से एक हाई कोर्ट यही है। तीन तरफ से गंगा यमुना नदी से घिरा हुआ है। जिसके सिस्टमेटिक विकास की जरूरत है। शहर की यातायात व्यवस्था व पार्किंग समस्या का निराकरण जरूरी है।

कोर्ट ने कहा कि वेंडिंग जोन तय न होने से हर तरफ फुटपाथ व सड़क किनारे वेंडरों की दूकानें है जिससे ट्रैफिक की समस्या से जूझना पड़ रहा है। शहर में मशरूम की तरह कामर्शियल काम्प्लेक्स होटल आदि बनते जा रहे है जिनमें पार्किंग व्यवस्था नहीं है।

कोर्ट ने जिनमें पार्किंग न हो नक्शा न पास करने को कहा है। प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि सिविल लाइंस में दो जमीनें पार्किंग के लिए ली गयी है और कम्पनी बाग के आसपास सड़क पटरी पर पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। याचिका की सुनवाई 16 अगस्त को होगी।

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