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Chandauli News : आयुर्वेदिक अस्पताल के बेड कबाड़ में बेचने के आरोप, वीडियो वायरल से हड़कंप
Chandauli News : चंदौली के आयुर्वेदिक अस्पताल में बेड कबाड़ में बेचने के आरोप, फार्मासिस्ट पर मनमानी का आरोप, वीडियो वायरल होने से हड़कंप।
Chandauli Ayurvedic Hospital Bed
Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद के ग्राम पंचायत खड़ान स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय एक बार फिर चर्चाओं में है। अस्पताल से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक मैजिक वाहन पर अस्पताल के चार लोहे के बेड लादकर कुछ लोग ले जा रहे हैं। इस दृश्य को देखकर ग्रामीणों ने वाहन को रोक लिया और बेड ले जाने के संबंध में पूछताछ की।
ग्रामीणों के अनुसार जब मैजिक पर सवार लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपनी पहचान शिवचन सपेरा और राजेंद्र प्रसाद निवासी ग्राम डेढ़ावल के रूप में बताई। दोनों ने दावा किया कि अस्पताल के फार्मासिस्ट सारनाथ सिंह द्वारा उन्हें ये बेड कबाड़ के रूप में बेचे गए हैं और उन्होंने इन्हें खरीद लिया है। इसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और ग्रामीणों ने अस्पताल में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
गांव निवासी प्रेम सिंह ने इस मामले को सार्वजनिक करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी अस्पताल की संपत्ति को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कबाड़ में बेचा गया है तो यह गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में नियमित रूप से चिकित्सक नहीं आते हैं, जिससे मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
प्रेम सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में दवाओं की कालाबाजारी किए जाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस संबंध में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी प्रभारी डॉक्टर अरविंद सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी के बाद संबंधित फार्मासिस्ट को कारण बताओं नोटिस दी गई है।समुचित जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।


