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UP की जेलों में खुलेगी गोशाला, क़ैदी बनेंगे सेवादार, ये कहा नेताओं ने

 यूपी की जेलों में बंद क़ैदी अब गायों के सेवादार की भूमिका में नज़र आएंगे।  प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेलों के अंदर गायों के लिए गौशाला खुलवाने का फैसला लिया है। जेल के अंदर कैदी गायों की देखभाल करेंगे। इससे पहले "गौ सेवा आयोग" ने पीए

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tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 9 Feb 2018 10:02 AM GMT

UP की जेलों में खुलेगी गोशाला, क़ैदी बनेंगे सेवादार, ये कहा नेताओं ने
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लखनऊ: यूपी की जेलों में बंद क़ैदी अब गायों के सेवादार की भूमिका में नज़र आएंगे। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेलों के अंदर गायों के लिए गौशाला खुलवाने का फैसला लिया है। जेल के अंदर कैदी गायों की देखभाल करेंगे। इससे पहले "गौ सेवा आयोग" ने पीएसी ग्राउंड्स पर गौशाला चलाने की मांग रखी थी, जिसे गृह और पुलिस विभाग ने नकार दिया था। अब सीएम के हस्तक्षेप के बाद जेलों में गौशाला बनाने पर सहमति बन गई है।

- यूपी के जेलों में योगी आदित्यनाथ सरकार ने गौशाला खोलने का निर्णय लिया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल गोरखपुर, फैज़ाबाद, आगरा, लखनऊ, हरदोई, नोयडा समेत प्रदेश की दो दर्जन जेलों गौ शाला खोलने का निर्णय लिया गया है।

- जेलों में बंद विचारधीन क़ैदी गौशाला में रखी जाने वाली गायों की देखभाल करेंगे।

- सरकार ने जेलों में बनने वाली गौशाला के लिए अलग से बजट का इंतेज़ाम करने का भी निर्णय लिया है।

- बजट में निर्माण कार्य के अलावा गायों के खान पान के लिए अलग से बजट की व्यवस्था की जाएगी।

- अभी तक जेल में बंद विचाराधीन क़ैदी साफ़ सफाई, बागबानी और मरम्मत आदि का कार्य किया करते थे।

- सीएम योगी आदित्यनाथ के गायों के प्रेम को देखते हुए अफसर इसे सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बताने से नहीं चूक रहे हैं।

ये कहा विभिन्न दल के नेताओं ने

-केशव मौर्य- यह बहुत अच्छा प्रयास है। मुझे तो इस बात का विचार नहीं आया पर यह बेहद ही शानदार योजना है। इसे तुरंत अमल में लाया जाना चाहिए।

-लालजी वर्मा, नेता विधायक दल, बसपा- जेल में कैदी रख नहीं पा रही सरकार और गाय को रखने की बात कह रहे है। ये लोग पहले कैदी को रखें फिर गाय को रखें।

-दीपक सिंह, विधायक, कांग्रेस- जेल में बंदियों को रख पाना मुश्किल है। यह सिर्फ जुमले बाजी है। इस तरह की काम करने से अच्छा है कि सरकार कांनी हाउस को पुनर्जीवित करे। यह कैसे सुनिश्चित करेंगे के गांव से 50 किलोमीटर दूरी पर स्थिति जेल में गाय-भैंस पहुंचाई जाएगी। यह सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए है।

-नरेश उत्तम, सपा विधयाक- प्रदेश सरकार को जानवरों के रख रखाव का ध्यान रखना चाहिए। लेकिन इस तरह के सतही फैसले किसी काम नहीं आने वाले हैं।

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Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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