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गांवों को कोरोना से बचने के लिए व्यापक रणनीति, प्रदेश में 2500 वैक्सीनेशन सेंटर: योगी

ग्रामीण इलाकों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए व्यापक रणनीति बनाकर लागू की गई है।

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फोटो— मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (साभार— सोशल मीडिया)

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्रामीण इलाकों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए व्यापक रणनीति बनाकर लागू की गई है। हर ग्राम पंचायत में पहले से ही निगरानी समिति गठित है। प्रदेश के 97 हजार राजस्व गांव को केन्द्र बनाकर निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रदेश में अब तक 1.5 करोड़ वैक्सीन डोज दी जा चुकी हैं। 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए 2,500 वैक्सीनेशन सेण्टर पर वैक्सीनेशन की कार्रवाई की जा रही है।

आज अपने गौतमबुद्धनगर के दौरे में योगी आदित्यनाथ ने एक बैठक में कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार के लिए जनपद में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि कोविड चिकित्सालयों में वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा नियमित राउण्ड लिया जाए, पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा मरीजों की गहन माॅनीटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड बेड की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार कार्यवाही की जाए। कोरोना की टेस्टिंग को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि लेने वाले निजी अस्पतालों एवं निजी टेस्टिंग लैब के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सकों के द्वारा टेलीकंसल्टेंसी के माध्यम से सामान्य बीमारियों के सम्बन्ध में लोगों को मेडिकल परामर्श प्रदान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए प्रदेशव्यापी विशेष स्क्रीनिंग एवं टेस्टिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों को और अधिक सक्रिय करते हुए लक्षणयुक्त एवं संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध लोगों को चिन्ह्ति किया जाए।

बैठक से पूर्व, योगी आदित्यनाथ ने मीडिया प्रतिनिधियों के लिए नोएडा के सेक्टर-6 स्थित इन्दिरा गांधी कला केन्द्र में संचालित वैक्सीनेशन सेण्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने वैक्सीनेशन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने ग्राम छपरौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम छपरौली में होम आइसोलेशन में रह रहे एक मरीज से भेंट कर, उनके स्वास्थ्य लाभ की जानकारी प्राप्त की तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं के सम्बन्ध में फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 'ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट' के लिए पूरे प्रदेश में 'अर्ली एण्ड एग्रेसिव' कैंपेन चल रहा है। 30 अप्रैल को राज्य में संक्रमण के सर्वाधिक 3,10,000 एक्टिव मामले थे। संक्रमण की रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप एक्टिव केस की संख्या घटकर 1,63,000 रह गयी है। उन्होंने कहा कि जनपद गौतमबुद्धनगर में विगत 27 अप्रैल को 10,000 से अधिक कोरोना पॉजिटिव के मामले आए थे। आज यहां 400 से भी कम कोरोना पॉजिटिव मामले आए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली वेव में प्रदेश में एक दिन में कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक 7,200 मामले सामने आए थे। पहली वेव में सर्वाधिक एक्टिव मामलों की संख्या 67,000 थी। 2 मार्च, 2020 को प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला प्रकाश में आया था। उस समय राज्य में कोरोना वायरस की टेस्टिंग की कोई सुविधा नहीं थी। आइसोलेशन बेड की व्यवस्था भी नहीं थी। इस समय केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में प्रतिदिन 2.5 लाख से तीन लाख टेस्ट किये जा रहे हैं। प्रदेश के अब तक लगभग 4.5 करोड़ टेस्ट संपन्न हो चुके हैं। राज्य में कोरोना वायरस उपचार के लिए लेवल-2 तथा लेवल-3 के लगभग 80,000 बेड उपलब्ध हैं।

Raghvendra Prasad Mishra

Raghvendra Prasad Mishra

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