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Jhansi: लाश ने 4 घंटे दक्षिण एक्सप्रेस में आगरा से झांसी तक किया सफर, GRP ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

Jhansi: बीती रात दक्षिण एक्सप्रेस में हुआ है। स्लीपर कोच में सफर कर रहे एक यात्री की आगरा के पास मौत हो गई। उसके शव को आगरा से झाँसी तक का सफर करना पड़ा है।

B.K Kushwaha
Updated on: 5 July 2022 2:21 PM GMT
Jhansi News In Hindi
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दक्षिण एक्सप्रेस। (Social Media)

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Jhansi: कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच इन दिनों अगर किसी को खांसी या छींक भी आ जा रही है तो आसपास के लोग डर जाते हैं। लोग उस शख्स को ऐसी संदिग्ध निगाहों से देखते हैं मानो उसने कोई गुनाह कर दिया है। ऐसे में सोचिए क्या हाल होगा अगर ट्रेन में सफर कर रहे हों और सामने एक डेड बॉडी रखी हो, यकीनन जान सूखकर हलक में आ जाएगी। ऐसा ही बीती रात हजरतनिजामुद्दीन से हैदराबाद की ओर जा रही दक्षिण एक्सप्रेस (Dakshin Express) में हुआ है। स्लीपर कोच में सफर कर रहे एक यात्री की आगरा के पास मौत हो गई। उसके शव को आगरा से झाँसी तक का सफर करना पड़ा है। सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।

मध्य प्रदेश का रहने वाला है मृतक

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के हरपालपुर (Harpalpur in Chhatarpur district) के गलौन में रहने वाले 38 वर्षीय दिलीपथ मजदूरी कर अपना और परिवार का भरण पोषण करता है। पत्नी फूल कुमारी के अनुसार उनके तीन बच्चे हैं। वह दिल्ली के फरीदाबाद में मजदूरी करते हैं। पिछले मंगलवार को उसकी बहन के ससुर का देहांत हो गया था। इस कारण वह अपने पति दिलीपथ और बच्चों के साथ झांसी के लिए विगत दिवस निकले, जिसके लिए वह सभी दक्षिण एक्सप्रेस (Dakshin Express) में सवार हो गए। ट्रेन में सवार होने से पहले उसके पति कुछ बीमार थे। ट्रेन जब आगरा के नजदीक चल रही थी। तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। इससे पहले उन्हें कोई उपचार दिया जाता उनकी मौत हो गई। जब इसकी जानकारी कोच के अन्य यात्रियों को हुई तो उन्होंने इंसानियत दिखाते हुए उसे मृतक की लाश को लेने की अनुमति दे दी। अनुमति मिलने के बाद लाश को आगरा से झांसी तक ट्रेन में लाया गया। इसके बाद वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन (Veerangana Laxmibai Railway Station) पर शव को ट्रेन से उतारा गया। जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

क्या कहते हैं रेलवे विभाग के नियम

रेलवे नियमों के मुताबिक,ट्रेन में किसी यात्री की मौत होने पर शव को नजदीकी स्टेशन पर उतारना होता है। शव को कब्जे में लेने की जिम्मेदारी नजदीकी जीआरपी थाने (GRP Station) की है। पहले शव का पोस्टमार्टम करवाया जाता है फिर उसे परिजनों के हवाले किया जाता है। इसके बाद शव को एंबुलेंस की मदद से गंतव्य तक पहुंचाया जाता है। इस मामले में आगरा, धौलपुर, ग्वालियर पर न तो किसी ने शव को कब्जे में लिया और न ही उसका पोस्टमार्टम करवाया। कानूनी कार्रवाई के झंझट से बचने के लिए शव को ट्रेन में ही छोड़ दिया गया। यह गंभीर लापरवाही है।

युवक ने घर पहुंच मांगी चाय, बनकर आने से पहले तोड़ा दम

ऐसा न जाने उस युवा के साथ क्या घटित हुआ कि घर पहुंचने पर उसने चाय मांगी और जब तक चाय बनकर आती तो उसकी मौत हो गई। सूचना पर गई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। चिरगांव थाना क्षेत्र (Chirgaon police station area) के रामनगर मार्ग के पास सचिन प्रजापति रहता था। परिजनों के मुताबिक सचिन के पिता चिरगांव में भांडेर रोड़ पर स्थित एक दुकान पर ट्रैक्टर मरम्मत का कार्य करते हैं। उनके साथ ही सचिन भी काम करता था। सोमवार की दोपहर वह दुकान से अपने घर से निकला।

इसके बाद रास्ते में पीडब्लूडी कार्यालय (PWD Office) के पास जब उसका पड़ोसी निकला तो उसे वह बेहोशी हालत में पड़ा हुआ मिला। यह देख पड़ोसी ने सचिन को किसी प्रकार होश में लाने का प्रयास किया। होश में आने के बाद पड़ोसी उसे उसके घर ले गया। घर पहुंचने पर उसने चाय मांगी। चाय बनकर तैयार हो रही थी तभी उसकी हालत बिगड़ गई और फिर से बेहोश हो गया। यह देख परिवार के सदस्य आनन-फानन में उसे उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

Deepak Kumar

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