Etah News: 28 घंटे बाद सकुशल मिले तीन नाबालिग दोस्त, सकीट पुलिस ने बस रुकवाकर किया बरामद

Etah News: एटा के सकीट क्षेत्र से लापता हुए तीन नाबालिग दोस्त वृंदावन से सकुशल लौट आए। सकीट पुलिस ने बस रुकवाकर बच्चों को बरामद किया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

Sunil Mishra
Published on: 9 Jun 2026 9:08 PM IST
Etah News: 28 घंटे बाद सकुशल मिले तीन नाबालिग दोस्त, सकीट पुलिस ने बस रुकवाकर किया बरामद
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Etah News: एटा जनपद के थाना सकीट क्षेत्र से 28 घंटे पूर्व लापता हुए तीन नाबालिगों को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चों के घर लौटने से परिजनों और पुलिस दोनों ने राहत की सांस ली और परिजनों पुलिस की कार्यवाही की सराहना की है।

पुलिस के अनुसार, 9 जून को चन्द्रपाल सिंह पुत्र वीरपाल सिंह निवासी ग्राम भगवंतपुर ने सूचना दी थी कि बीते दिन बाजार जाने के लिए घर से निकले तीन नाबालिग बच्चे काफी तलाश के बावजूद वापस नहीं लौटे हैं। सूचना के आधार पर थाना सकीट में धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू की गई।प्रभारी निरीक्षक विदेश राठी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने बच्चों की खोजबीन के लिए लगातार प्रयास किए जांच के दौरान पता चला कि तीनों बच्चे एटा से बस द्वारा वापस आ रहे हैं उन्हें बरामद कर लिया गया पूछताछ में भी बताया कि वह गांव से सकीट और सकीट से एटा से सिकंदराराऊ और वहां से बस द्वारा वृंदावन पहुंच गए थे। वृंदावन में उन्होंने आज प्रातः 3 बजे परिक्रमा भी की और बाद में वापस लौटने के लिए बस में सवार हो गए।इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बच्चे एक बस से लौट रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए संबंधित बस को रुकवाकर जांच की, जहां तीनों बच्चे सकुशल बैठे मिले। इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ थाना लाई और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।हालांकि पुलिस की प्रारंभिक प्रेस विज्ञप्ति में बच्चों को चार घंटे के भीतर बरामद करने की बात कही गई थी, लेकिन परिजनों के अनुसार बच्चे लगभग 28 घंटे बाद सकुशल मिले। बच्चों की सुरक्षित बरामदगी से परिवार में खुशी का माहौल है।पुलिस द्वारा तहरीर दिये जाने से समय आंक कर 28 के स्थान पर 4 घंटे दर्शा दिया गया ।"ऑपरेशन मुस्कान" के तहत की गई इस कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। परिजनों और ग्रामीणों ने सकीट पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि खाकी ने भटके बच्चों को सही सलामत घर पहुंचाकर उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी।

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