पति का शव लेकर पत्नी पहुंची घर, जेठ ने की ऐसी हरकत जानकर कांप उठेगी रूह

मृतक की पत्नी मायके वालों के साथ शाहपुर के भेड़ियागढ़ निकट विष्णु मन्दिर आवास पर शव लेकर पहुंची तो मृतक का बड़ा भाई, पत्नी व मां को लेकर मकान के मुख्य गेट पर ताला बन्द करके फरार हो गए।

गोरखपुर: शाहपुर थाने में तैनात सिपाही की लम्बी बीमारी के बाद रविवार को सुबह चार बजे निजी अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी मायके वालों के साथ शाहपुर के भेड़ियागढ़ निकट विष्णु मन्दिर आवास पर शव लेकर पहुंची तो मृतक का बड़ा भाई, पत्नी व मां को लेकर मकान के मुख्य गेट पर ताला बन्द करके फरार हो गए।

पुलिस के दबाव पर दिन के 12 बजे आवास पर पहुचे परिजनों व मृतक की पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। शाहपुर पुलिस किसी तरह मकान का ताला खुलवा कर रिश्तेदारों को अन्दर बैठाई तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज ले गई।

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ये है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार सिवान के मूल निवासी चन्द्रिका शर्मा विगत 15 वर्ष पूर्व शाहपुर के भेड़ियागढ़ में मकान बनवा कर परिवार के साथ रहते थे। जिनके तीन पुत्र शैलेन्द्र शर्मा, सन्दीप शर्मा व राजदीप शर्मा हैं। चन्द्रिका शर्मा रेलवे से रिटायर थे।

जनवरी 2019 में मृत्यु हो गई है। बड़ा भाई शैलेश शर्मा अपने परिवार के साथ चार वर्षों से बशारतपुर के रामजानकी नगर में रहता है। सन्दीप शर्मा व मृतक राजदीप शर्मा का परिवार भेड़ियागढ़ वाले मकान में माँ के साथ रहते थे।

मृतक राजदीप शर्मा की नियुक्ति वर्ष 2008 में कांस्टेबल पद पर हुई थी जिसकी वर्तमान पोस्टिंग शाहपुर थाने में थी। वर्ष 2015 में पादरी बाजार के विश्वकर्मापुरम में अजय शर्मा की पुत्री बन्दना शर्मा के साथ शादी हुई थी।

जिनसे अभी कोई संतान नही है। मृतक की पत्नी से सास व जेठानी से पटती नही थी। इसलिए मृतका की पत्नी अक्सर मायके में ही रहती थी। मृतक के चार माह पहले जांच में कैंसर होने पर मेदांता में भर्ती कराया गया। फिर वहां से एम्स लाया गया।

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पत्नी ने जेठ पर लगाया ये आरोप

10 सितम्बर को गोरखपुर के सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतक की पत्नी वंदना का आरोप है कि बड़े भाई सन्दीप शर्मा मकान में मेरे पति को हिस्सा नही देना चाहते थे।

वहीं मृतक के बड़े भाई शैलेश व संदीप का आरोप है कि शादी के बाद वंदना राजदीप के साथ नही रहती थी। कभी कभी घर आती थी और विवाद करती रहतीं थी।

जिसको लेकर भाई पीड़ित रहता था। बीमारी होने पर भाई के साथ वंदना ने रहना शुरु कर दिया और भाई के बैंक से रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर ली है।

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