अमेरिका से शादी में आई फेसबुक पर मिली ‘मां’, बहू को दी बेशकीमती अंगूठी

कृष्णा, मिलर के साथ

गोरखपुर : कोई भी रिश्ता बनाया तो जा सकता है पर उसे दिल से निभाना अहम होता है। फेसबुक पर आए दिन हम कई दोस्त बनाते हैं लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जो खास हो जाते हैं। ऐसी ही एक दोस्ती सात समंदर पार लांस एंजेलिस की डिबरा एन. मिलर का गोरखपुर के कृष्णा तिवारी से हुई। धीरे-धीरे यह दोस्ती रिश्ते में बदल गई। मिलर ने कृष्णा को अपना बेटा माना और उसकी शादी में शरीक होने गोरखपुर के पिपराइचआईं।

फेसबुक फ्रेंड को दिया ‘मां’ का दर्जा
यूं तो कृष्णा तिवारी की फेसबुक फ्रेंडलिस्ट में 182 विदेशी मित्र हैं, लेकिन लॉस एंजेलिस की 60 वर्षीय डिबरा एन मिलर से उनका रिश्ता इतना गहरा हुआ कि दोनों ने एक दूसरे को मां-बेटे का दर्जा दे दिया। नि:संतान मिलर को कृष्णा में अपने बेटे की झलक दिखी। इस वजह से उनका रिश्ता और गहरा बन गया। कृष्णा की शादी में शामिल होने मिलर 25 जनवरी को गोरखपुर आ गईं। 26 जनवरी को तिलक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद तीस जनवरी को बारात में शामिल हुईं।

सोशल मीडिया पर दोस्ती की मिसाल बनीं
फेसबुक से मिले निमंत्रण पर आईं मिलर हफ्ते भर भारतीय परिधान में हर रस्म को पूरा भी किया। शुक्रवार को जब वह अमेरिका के लिए विदा हुईं, तो सब की आंखें छलक गई। बेटे-बहू को अमेरिका आने का न्योता दिया। सोशल मीडिया पर दोस्ती करने और उसे निभाने वालों के लिए डिबरा एन मिलर और कृष्णा तिवारी मिसाल हैं।

संस्कृति को भूलने वालों के लिए मिसाल बनीं मिलर
मिलर को कुछ भारतीय रीति-रिवाज पहले से पता थे। कुछ शादी में शरीक औरतों ने बताए। शादी समारोह के दौरान उन्होंने बेटे को हल्दी लगाने के साथ-साथ अन्य रस्मों को भी पूरी तन्मयता से निभाया। भारतीय परिधान में सजी-धजीं मिलर अपनी संस्कृति को भूलने वालों के लिए मिसाल बनीं।

बहू को दी 125 साल पुरानी अंगूठी
वह अपनी बहू के लिए बेशकीमती तोहफा लाईं थीं। उन्होंने बताया कि वह एक अंगूठी लाई हैं, जो 125 साल पुरानी है। ये अंगूठी एक नीलामी में खरीदी थी और उन्हें बेहद पसंद है।

‘मां’ ने फेसबुक को कहा थैंक्स
मिलर ने कहा, रिश्ते भगवान बनाते हैं। फेसबुक लोगों को मिलाने का बेहतरीन प्लेटफार्म है। उन्होंने फेसबुक को थैंक्स बोला। भारतीय रीति-रिवाजों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मैं यहां मिले सम्मान से खुश हूं। मिलर ने बताया उनके पिता इटली के जबकि मां ग्रीस की थीं। 1917 में उनका परिवार अमेरिका चला गया था। पति कारटीस मिलर अमेरिका के अंतरिक्ष संस्थान में इंजीनियर पद से रिटायर हैं। डिबरा एन मिलर हाथ से सुंदर एवं आकर्षक खिलौने बनाती हैं। वह 40 वर्ष बाद दोबारा भारत आईं थीं।