योगी के गढ़ ‘गोरखनाथ मंदिर’ मत्था टेकने पहुंचे सपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार, बोले- जरूर मिलेगा आशीर्वाद

Published by Charu Khare Published: March 6, 2018 | 4:42 pm
Modified: March 6, 2018 | 5:15 pm

गोरखपुर। लोकसभा उपचुनाव में बदलते राजनीतिक समीकरण ने सबको आश्‍चर्य में डाल दिया है। ऐसे में प्रत्‍याशी भी जीत के लिए जनता से लेकर जनार्दन तक की शरण में पहुंच रहे हैं। मंदिर की जिस सीट पर पांच बार से जीत कर सांसद रहे योगी आदित्‍यनाथ आज मुख्‍यमंत्री हैं, उसी सीट की प्रतिष्‍ठा आज दांव पर लगी हुई है। ऐसे में सपा प्रत्‍याशी भी जीत का आशीर्वाद लेने गोरखनाथ बाबा के दरबार में पहुंचे।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर 1998 से लगातार योगी आदित्‍यनाथ जीतते चले आए हैं। इस सीट का भाजपा के लिए काफी महत्‍व भी है। योगी आदित्‍यनाथ के मुख्‍यमंत्री बनने के बाद से ये सीट खाली हुई है। ऐसे में भाजपा प्रत्‍याशी उपेन्‍द्र दत्‍त शुक्‍ल के लिए इस सीट पर जीतकर योगी आदित्‍यनाथ की साख बचाना भी एक बड़ी चुनौती है। लेकिन, सपा प्रत्‍याशी भी इस उप चुनाव में जीत के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं। आज सपा प्रत्‍याशी प्रवीण कुमार गुरु गोरखनाथ के दरबार में मत्‍था टेकने पहुंचे और अपने जीत का आशीर्वाद मांगा।इस अवसर पर निषाद पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और सपा प्रत्‍याशी प्रवीण कुमार के पिता डा. संजय निषाद ने कहा कि इससे पहले भी मंदिर में आते रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि यहां से हमेशा आशीर्वाद मिला है. यहां पर आशीर्वाद लेने के लिए आए हैं। उनका कहना है कि मठ इस बार चुनाव नहीं लड़ रहा है। इसलिए बाबा मछिंदर नाथ और बाबा गोरखनाथ उन्‍हें सेवा करने का एक अवसर दें।

गोरखनाथ मंदिर पहुंचे सपा जिलाध्‍यक्ष प्रहलाद यादव ने कहा कि सपा सभी धर्मों का आदर करती है। हमारे धर्म में 14 संस्‍कार हो चुके हैं। उन 14 संस्‍कारों के तहत हम लोग यहां पर आए है। यहां पर हमारे परिवार आते रहते हैं और तमाम धार्मिक अनुष्‍ठान के लिए आते है। जो आशीर्वाद लेने आए हैं वो मिलेगा। योगी जी महंत हैं उनकी बात नहीं करेंगे। भाजपा से हमारी लड़ाई है और जनता इस बार भाजपा का साथ नहीं देगी। अखिलेश यादव की ओर से भी उन्‍होंने सवा किलो लड्डू यहां पर चढ़ाया है।सपा प्रत्‍याशी प्रवीण कुमार ने कहा कि जो आशीर्वाद मांगा गया है वो रिजल्‍ट आने के बाद पता चल जाएगा। वे आशीर्वाद लेने के लिए आए हैं और हमें उनका आशीर्वाद मिल भी जाएगा।

उन्होनें कहा- ‘मुझे हिन्‍दू धर्म और मंदिर में आस्‍था है इसलिए यहां पर आया हूं। इसके पहले भी यहां पर हम दर्शन करने के लिए आते रहे हैं।