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मकर संक्रांति: संगम में 25 लाख श्रद्धालु, ये है आज स्नान-दान का महत्व

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NewstrackBy Newstrack

Published on 15 Jan 2016 4:14 AM GMT

मकर संक्रांति: संगम में 25 लाख श्रद्धालु, ये है आज स्नान-दान का महत्व
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इलाहाबाद. आज मकर संक्रांति है। संगम नगरी में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी ले रहे हैं। गंगा और यमुना के संगम आज स्नान और दान का बहुत महत्व है। तड़के से ही स्नान का सिलसिला चल रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 12 घाट बनाए गए हैं। इसके अलावा वाराणसी और दूसरे जिलों में भी लोगों ने नदियों में स्नान किया।

25 लाख श्रद्धालु करेंगे स्नान

मकर संक्रांति का यह स्नान आज देर शाम तक चलेगा। संगम क्षेत्र में प्रशासन ने काफी पुख्ता प्रबंध किए हैं। हालांकि, गाड़ियों को काफी पहले रोक दिया गया। इस वजह से श्रद्धालुओं को काफी पैदल चलना पड़ा। मेला प्रशासन के अनुसार शाम तक 25 लाख लोग स्नान करेंगे।

सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध

-श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

-जगह-जगह लोगों की तलाशी ली जा रही है।

-हर आने-जाने वाले पर पुलिस की नजर है।

-सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जा रही है।

- पूरे मेला क्षेत्र में ट्रैफिक और सुरक्षा व्‍यवस्‍था को देखते हुए चप्‍पे-चप्‍पे पर पुलिस तैनात है।

ये है मकर संक्रांति का महत्व

-मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण हो जाता है। उत्तरायण अविधि काल को देवताओं का दिन कहते हैं।

-धर्मग्रंथों में कहा गया है मकर संक्रांति के दिन संगम पर देवता भी स्नान के लिए आते हैं।

-मान्यता है कि मकर संक्रांति देवातों का प्रभात काल है।

-शास्त्रों में मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान और दान को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है।

-इस दिन पवित्र नदीं में स्नान कर तिल और गुड़ दान किया जाता है।

-कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान सौ गुना होकर मिलता है।

-कहा जाता है कि तिल दान करने से घर में संपन्नता आती है।

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