ये कैसा अस्पताल? कुपोषण वार्ड में सड़ता रहा शव, बेसुध रहा प्रशासन

कासगंज: जिला अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक लावारिस शव पड़ा रहा और उससे दुर्गन्ध निकलती रही। लेकिन अस्पताल के किसी कर्मचारी को यह दुर्गन्ध आई और न ही मृतक व्यक्ति की कोई सुध। जब यह बात मीडियाकर्मियों तक पहुंची गई तो अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सीएमओ ने मामले में जांच पड़ताल कर दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कहीं है।

क्या है पूरा मामला
-यह मामला कासगंज जिला अस्पताल का है।
-यहां शनिवार को कुपोषण वार्ड में बेड के नीचे एक लावारिस शव पड़ा हुआ था।
-यह शव नीचे से नग्न अवस्था में था।
-जब इस शव पर मीडिया की नजर पड़ी तो उन्होंने इसकी जानकारी से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कासगंज डॉ.सत्य सिंह को दी।
-सीएमओ के वार्ड में पहुंचने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया और वे कुपोषण वार्ड की ओर आ गए।
-अस्पताल कर्मियों ने आनन-फानन में शव के ऊपर कपड़ा डालकर उसे स्टेचर पर रख लिया।

अस्पताल की लापरवाही पर सीएमओ को आश्चर्य
डॉ. सत्य सिंह ने कहा कि वे अस्पताल में भर्ती करवाए गए इस सख्स की मौत हो जाने और उसमें सड़ने के बाद बदबू आने तक किसी भी डॉक्टर, वार्ड बॉय और अस्पताल के कर्मचारी को इसकी जानकारी न होने को लेकर आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच पड़़ताल कराकर दोषी चिकित्सकों और कर्मचारियों  के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस लापरवाही से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कासगंज जिला अस्पताल में किस प्रकार का इलाज मरीजों को मिल रहा है।

किसकी थी यह लावारिश लाश
इस मृत अज्ञात व्यक्ति को गंजडुंडवारा पुलिस ने कुपोषण की हालत में अत्यधिक कमजोर हो जाने पर 21 मार्च को भर्ती कराया था। इस अज्ञात व्यक्ति के परिजनों का पता न होने के कारण अस्पताल में इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं था।

भर्ती कराने के बाद अस्पताल में इस व्यक्ति की न तो देख-रेख हो सकी और न ही सही से इलाज हुआ। फलस्वरूप यह व्यक्ति बेड से नीचे गिर गया और उसने वहीँ पर इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पूरे अस्पताल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।

अस्पताल के किसी कर्मचारी, वार्डबॉय और डॉक्टर को यह नहीं मालूम कि कुपोषण से पीड़ित इस व्यक्ति की मौत कब हुई।

इस तरह की मिली लापरवाही स्वास्थ्य विभाग के लिए शर्मनाक तो है ही यह प्रदेश सरकार द्वारा चलाये जा रहे पोषण मिशन की भी पोल खोलता है। साथ ही प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में हो रहे इलाज की भी बानगी पेश करता है।