UP इलेक्शन वॉच: नहीं होगा नोटबंदी का असर, चुनाव में पहले से ज्यादा खर्च करेंगी पार्टियां

Published by aman Published: December 26, 2016 | 9:17 pm
Modified: December 27, 2016 | 12:19 pm
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लखनऊ: भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी। पीएम मोदी के नोटबंदी के कदम से यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का खर्च घटेगा नहीं बल्क‌ि बढ़ेगा ही। ये बातें इलेक्शन वॉच की एक सर्वे रिपोर्ट में सामने आई है।

इस सर्वे की रिपोर्ट की मानें तो नोटबंदी चुनावों में कालेधन के इस्तेमाल को नहीं रोक पाएगी। इनकी रिपोर्ट के मुताबिक 65 फीसदी चांस है कि नोटबंदी से वोटरों की खरीद-फरोख्त पर नहीं पड़ेगा। वहीं ये भी मानना है कि 70 प्रतिशत चांस है कि चुनावों में पुराने तरीकों का ही इस्तेमाल होगा।

इस तरीके से किया सर्वे
एसोसिएशन फॉर डिमॉक्रेटिक रिसर्च (एडीआर) के संयोजक ने बताया कि प्रत्येक जिले में दो टारगेट ग्रुप बनाए गए हैं। पहला प्रत्यक्ष तौर पर चुनाव से जुड़ा है और दूसरा, अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़ा हुआ है। एडीआर का कहना है कि नोटबंदी से चुनावों को लेकर नए किस्म के दलाल पैदा हुए हैं।

कालाधन खपाने नए तरीके ढूंढे जा रहे
इलेक्शन वॉच की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद लोगों ने अपना कालाधन खपाने के ल‌िए नए-नए तरीके ढूंढे हैं। सर्वे के मुताबिक बीते सालों के चुनाव के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा पैसे खर्च होंगे।

अपनाए जाएंगे पुराने तरीके
सर्वे में बताया गया है कि 70 प्रतिशत संभावित प्रत्याशियों ने कहा क‌ि चुनाव जीतने के ल‌िए पुराने तरीकों का सहारा लिया जाएगा। हालांक‌ि सर्वे में शामिल हुए 80 फीसदी लोगों का मानना है कि चुनाव प्रचार में काफी कठिनाई आएगी।

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