कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेस-कॉन्फ्रेस के दौरान कही ये महत्वपूर्ण बातें

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ मे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने किसानों से सम्बन्धित योजनाओं और उनके कृषि जीवन के सुधार से जुड़े कई तथ्यों पर प्रकाश डाला। 

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ मे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने किसानों से सम्बन्धित योजनाओं और उनके कृषि जीवन के सुधार से जुड़े कई तथ्यों पर प्रकाश डाला।

सूर्य प्रताप शाही ने यूपी के 35 फीसदी देश मे कृषि DBT हिस्सेदारी की योजना की। प्रेस कान्फेंस के दौरान शाही ने कहा- जून तक किसानों का डाटा संकलन पूरा हो जाएगा।

साथ ही शाही ने खरीब बुवाई को लेकर फर्टिलाइजर भंडारण की व्यवस्था के निर्देश दियें। योजनाओं का क्रियान्वयन समय से करने के लिए कृषि विभाग की हुई बैठक।

सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की। कृषि योजनाओं को लेकर अधिकारियों को दिए गए निर्देश
मिलियन फार्मर्स स्कूल का चौथा चरण शुरू होगा। किसानों को खेती के आधुनिक तौर तरीके बताए जाएंगे।

हेल्थ के बारे में भी किसानों को जानकारी दी जाएगी। मिलेनियम फार्मर स्कूल का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विदेशी भी अध्यन कर रहे हैं। जिलों में पीएम फसली बीमा के तहत कार्रवाई पूरी। शेष जनपदों की टेंडरिंग जल्द ही की जाएगी।

7 साल के औसत उत्पादन को घटाकर 5 वर्ष किया गया। व्यक्तिगत आपदा के लिए 48 घंटे से बढ़कर सूचना का समय 72 घंटे किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का बयान

देश की जनता को साधुवाद आचार संहिता समाप्त होने के बाद कृषि विभाग की बैठक हुई।

किसानों को लाभकारी योजनाओं के बारे में चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री कृषि योजना के तहत किसानो को लाभ पहुँचाया गया।

1 करोड़ 11 लाख किसानों के खातों में पैसा भेजने में सफल हुए।

पूरे देश की अपेक्षा एक तिहाई किसानों को अकेले यूपी में लाभ मिला।

86 लाख किसानो को जल्द से जल्द इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

खरीफ की बुआई जल्द शुरू होगी।

खाद व यूरिया के भंडारण को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई।

सभी जिला केंद्रों में बीज पहुंच गए है।

10 जून से 13 जून व 17 जून से 20 जून तक किसानों को खेती सम्बन्धी अलग अलग प्रकार की जानकारी दी जाएगी।

चार जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये किसानों की बात वैज्ञानिक से कराई जायेगी।

हर जिले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कराई जाएगी

प्रधामनंत्री फसली बीमा योजना के तहत 12 में से 8 कलस्टर पूरे हो गए है, जिसके तहत 51 जनपद कवर किए जा रहे है।