अखिलेश सरकार की उदासीनता से लोगों की आशियाने की उम्मीद को झटका

सूत्रों की मानें तो केंद्र ने अखिलेश यादव को एक दो नहीं 15 पत्र लिखे। इन पत्रों का जवाब देना तो दूर अखिलेश सरकार ने यह भी नहीं कहा कि उसे कोई इस बाबत चिट्ठी मिली है। अखिलेश सरकार की इस उदासीनता से पहले साल में मिलने वाले 4 लाख घरों पर तलवार लटकती नज़र आ रही है।

Published by zafar Published: November 20, 2016 | 8:14 pm
Modified: November 22, 2016 | 3:10 pm
योगेश मिश्र
योगेश मिश्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश से शुरू हो रही प्रधानमंत्री आवास योजना में यूपी को कोई ज्यादा लाभ नहीं मिलने वाला है। इसका कारण यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना में कोई रुचि नहीं दिखाई है। इस योजना के तहत प्रदेश को 22 लाख घर मिलने हैं पर शुरुआती साल के 4 लाख घरों के प्रति अखिलेश सरकार की उदासीनता इस योजना का पूरा लाभ प्रदेश को नहीं दिला सकेगी।

15 चिट्ठियों का जवाब नहीं
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश को 22 लाख आवास मिलने हैं। इस बाबत केंद्र सरकार के सूत्रों की मानें तो केंद्र ने अखिलेश यादव को एक दो नहीं 15 पत्र लिखे। इन पत्रों का जवाब देना तो दूर अखिलेश सरकार ने यह भी नहीं कहा कि उसे कोई इस बाबत चिट्ठी मिली है। अखिलेश सरकार की इस उदासीनता से पहले साल में मिलने वाले 4 लाख घरों पर तलवार लटकती नज़र आ रही है।

क्यों नहीं दिखाई है रुचि
उत्तर प्रदेश में 4 लाख घर मिलने और केंद्र को उसका श्रेय जाने से सपा सरकार की अपनी इमेज में डेंट लग सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह उदासीनता सिर्फ अफसरशाही की उदासीनता नहीं बल्कि सोची समझी रणनीति है। वैसे अगर कोई बात बिगड़े भी तो सरकार इसे लालफीताशाही के मत्थे मढ़ सकती है। यानी लाभ हुआ तो ठीक, नहीं ठीकरा अफसरों के सर फोड़ दिया जाएगा। पर इस सारी राजनीति से आम लोगों के सर पर छत की उम्मीदों को जोर का झटका लगा है।