इमरजेंसी में यहां छुपते थे ‘अटल’, लखनऊ के इस मोहल्‍ले से जुड़ी हैं खास यादें

लखनऊ: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुरूवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर 93 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद एम्‍स में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर पूरा देश शोक में डूब गया। वहीं लंबे समय तक उनका संसदीय क्षेत्र रहे लखनऊ में भी लोग उनके निधन पर फफक कर रो पड़े। लखनऊ की किसी भी गली या मोहल्‍ले में आप जाएंगे तो अटल बि‍हारी वाजपेयी के किस्‍से और उनकी यादों को संजोए लोग ही मिलेंगे। ऐसा ही एक मोहल्‍ला है राजा बाजार। यह वहीं मोहल्‍ला है जहां इमरजेंसी के समय अटल बिहारी वाजपेयी छुपते थे।

इस घर से है पुराना नाता

राजा बाजार की रहने वाली कुसुम बाला रस्‍तोगी बताती हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी बहुत ही सीधे साधे व्यक्ति थे। उन्‍होंने कभी अपनी पावर या कुर्सी पर घमंड नहीं किया। इमरजेंसी के वक़्त अटल बिहारी यहां आकर ही छुपे थे। उन दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि अटल जी उनके पिता जी के दोस्त थे इसलिए उनके ससुराल भी कई बार खाने पर आये थे।

जब वो सांसद थे तब दो बार उनके घर लंच पर आये। पूर्व पीएम की पुरानी यादें ताजा करते हुए उन्होंने बताया कि जब भी वह घर आते थे तो घर के सामने वाले पार्क में टेंट लगाकर उनके लिए नाश्ते और खाने का इंतजाम किया जाता था।

कभी नहीं टाला आग्रह

कुसुम बाला रस्‍तोगी ने बताया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी उनके आग्रह को नहीं टाला। वो जब दिल्ली में थीं, तब भी अटल बिहारी वाजपेयी उनके बुलावे पर डिनर और लंच करने पर घर आते थे।

कुसुम बाला रस्‍तोगी के ससुर घनश्‍याम दास रस्‍तोगी से तो वह बेहद करीब थे। कई आंदोलनों में दोनों साथ रहे थे। उनके ससुर घनश्‍याम दास रस्‍तोगी इमरजेंसी से लेकर प्रधानमंत्री पद तक के संघर्ष के साथी रहे थे।

अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर सुनकर कुसुम बाला रस्‍तोगी को काफी दुःख हुआ। उन्होंने कहा कि वो उनके आखिरी दिनों में उनसे मिल नहीं पायीं। इस बात का हमेशा मलाल रहेगा।