सीएम योगी ने मंत्रियों संग राज्यपाल से की मुलाकात, जानिए किसने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल के बुलावे पर आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल सदस्यों के साथ राजभवन पहुंचे जहां उन्होंने राज्य सरकार की विकास योजनाओं के बारे में उनको अवगत कराया।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल के बुलावे पर आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल सदस्यों के साथ राजभवन पहुंचे जहां उन्होंने राज्य सरकार की विकास योजनाओं के बारे में उनको अवगत कराया।

इस अवसर पर राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गयी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके मंत्रिमण्डल के सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्यमंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) एवं राज्यमंत्रियों के साथ बुलाया था। गांधी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सभी मंत्रियों से राज्यपाल ने परिचय प्राप्त किया।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके दो वर्ष छः माह के सफल कार्यकाल की उपलब्धियों पर कहा कि जनता को सरकार से बहुत अपेक्षाएं होती हैं। मेरिट के आधार पर काम करें।

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पत्रावलियों का निस्तारण समय से करें तथा अधीनस्थ अधिकारियों को भी दिए। निर्माण कार्य में समय-सीमा निर्धारित करें तथा निर्माण स्थल की नियमित समीक्षा करें।

सरकारी विभाग आपसी समन्वय से विकास कार्य में सहयोग दें। परस्पर तालमेल से काम करें। प्राथमिक शिक्षा पर जोर देते हुये उन्होंने कहा कि बच्चों का प्रवेश समय से और एक साथ हो ताकि बाद में प्रवेश लेने वाला बच्चा पढ़ाई में न पिछड़े। उन्होंने कहा कि शिक्षा में ‘ड्राप आउट’ न हो इसके लिये विशेष प्रयास करें।

राज्यपाल ने टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लेने के मामले में प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने की बात कही। काम करने से अच्छे परिणाम निकलते हैं। राजभवन के अधिकारियों ने 25 टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लिया है, आप भी स्वस्थ समाज के निर्माण में सहभागी बनें।

राज्यपाल ने किसानों की समस्या, राजस्व से जुड़े मामले, कुपोषण, शिक्षा आदि को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुये मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री पद की यात्रा का उल्लेख किया। समस्याओं का निदान संवाद से हो सकता है, इसलिये जिम्मेदार अधिकारियों को साथ लेकर समस्या का निराकरण करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के मार्गदर्शन के लिये धन्यवाद एवं आभार प्रकट करते हुये कहा कि जनपद के प्रभारी मंत्री अपने जिले के टीबी ग्रस्त बच्चों को स्वयं भी गोद लें और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी गोद लेने के लिये प्रेरित करें।

शिक्षा, राजस्व, बाल विकास एवं महिला कल्याण से जुड़े मंत्रियों ने राज्यपाल से मिलकर उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा इससे कार्य संस्कृति का नया नजरिया मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसान योजना, फसल समर्थन मूल्य, गन्ना भुगतान, सिंचाई परियोजना, सौभाग्य योजना, सौर ऊर्जा, शहरी एवं ग्रामीण मार्ग निर्माण, गंगा एक्सप्रेस-वे, नये हवाई अड्डे, मेट्रो रेल परियोजना, ड्राप आउट रोकने के लिये स्कूल चलो अभियान, बालिका शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, एम्बुलेंस सेवा, नये मेडिकल कालेज आदि के संबंध में राज्यपाल को विस्तार से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजन, वृद्धावस्था एवं निराश्रित महिला योजना, कन्या विवाह, इंवेस्टर्स समिट, ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी, डिफेंस कॉरिडोर, उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस, एक जिला-एक उत्पाद योजना, पर्यटन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण, अप्रवासी दिवस सम्मेलन आदि पर भी प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च 2017 को सरकार के गठन के बाद टीम भावना के साथ सरकार समाज के हर तबके तक पहुंच बनाने में सफल हुई है। महिला सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

किसानों की स्थिति को सुधारने के लिये राज्य सरकार कृत संकल्प है। सरकार ने गन्ना भुगतान, बिजली, सिंचाई, लघु एवं सीमांत किसानों की ऋण माफी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, जीवन ज्योति योजना, सुमंगल कन्या योजना, सौभाग्य एवं उज्जवला योजना आदि पर प्रभावशाली रूप से काम करके जनता के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश दुग्ध एवं चीनी उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक ओ0पी0 सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल हेमन्त राव व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रयागराज में आयोजित कुम्भ 2019 पर एक कॉफी टेबल बुक ‘मानवता की अमूत सांस्कृतिक धरोहर’ का विमोचन भी किया गया।

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उधर  राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ पब्लिक कालेज, गोमती नगर शाखा में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्मानित किया।

इसके साथ ही लखनऊ पब्लिक विद्यालय के संस्थापक एसपी सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘सपने और रोजगार की राहें’ का विमोचन किया।

कार्यक्रम में अशोक बाजपेयी सांसद राज्यसभा, अरूण सिंह राष्ट्रीय महासचिव भारतीय जनता पार्टी, विद्यालय की मुख्य प्रशासिका कान्ती सिंह, विद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने इस अवसर पर लखनऊ पब्लिक कालेज के विभिन्न शाखाओं की प्रधानाचार्यों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

इससे पहले लोकसभवन में उच्च शिक्षा से जुड़े तीन शिक्षकों को ‘सरस्वती पुरस्कार 2019’, छः शिक्षकों को ‘शिक्षकश्री पुरस्कार’, माध्यमिक शिक्षा से जुड़े छः अध्यापकों को ‘राज्य अध्यापक’ तथा 15 अध्यापकों को ‘मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार’ देकर सम्मानित किया गया।

राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने राज्य अध्यापक पुरस्कार से विजय कृष्ण, अनिल कुमार वशिष्ठ डॉ राजेश कुमार सिंह यादव, डॉ भुवेश्वर पांडेय सत्येंद्र सिंह श्रवण कुमार श्रीवास्तव ब्रजमोहन शर्मा डॉ ममता तिवारी मैदान सिंह अर्चना गुप्ता सरला चौधरी सुनीता सिंह शुभा वाशिंगटन राम धीरज शुक्ल डॉ दिवाकर मिश्र चंद्र प्रकाश अग्रवाल भुवनेश्वर पाण्डेय अनिल कुमार श्रीवास्तव  हेमलता शुक्ल रामु प्रसाद वर्मा चंद्रिका शर्मा ओमप्रकाश शुक्ल जेपी मिश्र ब्रजेश कुमार शर्मा तथा शिक्षक श्री सम्मान से डॉ अमित सरकार दीपक श्रीवास्तव डॉ संत शरण मिश्र डॉ शिवराज सिंह डॉ हृदय शंकर सिंह डॉ कृष्ण कांत शर्मा एवं शिक्षक श्री सम्मान से डॉ पूनम टंडन तथा डॉ सिकंदर लाल को सम्मानित किया गया।

उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी का सृजन करते हैं। सरकार ने शिक्षा के उन्नयन के लिये अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने सेवा शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है। कार्यक्रम में राज्यमंत्री माध्यमिक शिक्षा श्रीमती गुलाब देवी ने भी अपने विचार रखे। समारोह में स्वागत उद्बोधन मुख्य सचिव आरके तिवारी द्वारा दिया गया।