झाड़ू लगाने वाले सचिन का सुर से कमाल, सारेगामापा टॉप-12 में पहुंचा

Published by Admin Published: March 11, 2016 | 9:35 pm
Modified: August 10, 2016 | 2:26 am

सारेगामापा में परफॉर्म करता सचिन

लखीमपुर-खीरी: खीरी के सचिन ने जीटीवी के पॉपुलर प्रोग्राम ‘सारेगामापा’ के टॉप-12 में अपनी जगह बना ली है। सचिन की सफलता से परिवार के साथ क्षेत्र के लोगों में खुशी है।

कौन है सचिन ?
-बेहद गरीब परिवार में जन्मे सचिन का शुरुआती दौर मुश्किलों भरा रहा।
-पिता मुन्ना लाल सफाई कर्मी हैं।
-उनकी छोटी कमाई से घर का खर्च बमुश्किल चलता है।
-परिवार के खर्च में सहयोग करने के लिए सचिन को भी सफाई कर्मी की नौकरी करनी पड़ी।

कम उम्र से ही गाने में थी दिलचस्पी
-सुरीली आवाज ने जहां घर वालों का मन मोह रखा था तो वहीं उसके दोस्त सचिन की आवाज के दीवाने हैं।
-आस-पास के लोग वक्त-बेवक्त करते हैं गानों की फरमाइश।
-आखिरकार दोस्तों ने उसे अपनी कला बड़े मंच पर दिखाने को प्रोत्साहित किया।
-दोस्तों के बताए रास्ते पर चलते हुए सचिन ने लखनऊ में हुए ‘सारेगामापा’ का ऑडिशन दिया।

सचिन का स्वागत करते गांव वाले
सचिन का स्वागत करते गांव वाले

किस गाने पर हुआ चयन
-‘सारेगामापा’ का ऑडिशन सचिन की जिंदगी में बदलाव का पहला कदम था।
-सचिन ने ‘बाजीराव मस्तानी’ फिल्म के गाना ‘आयत’ गाकर जजों का दिल जीत लिया।

ऑडिशन के हर चरण में पाई सफलता
-सचिन ने एक फरवरी को दिल्ली में ऑडिशन दिया।
-21 फरवरी को मुंबई में ऑडिशन में सचिन ने टॉप-100 में जगह बनाई।
-अंततः टॉप-12 में जगह बनाने में सफल रहा।
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ढ़ोल-नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत
-सचिन 11 मार्च को घर वापस लौटा।
-उसके आने की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, पड़ोसियों और दोस्तों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया।
-सचिन का सम्मान जुलूस निकाला गया।
-ढ़ोल-नगाड़े पर जमकर थिरके लोग।

परिजनों और दोस्तों को दिया श्रेय
-सचिन ने इस कामयाबी का श्रेय परिजनों और दोस्तों को दिया।
-कहा-दोस्तों के प्रोत्साहन की वजह से उसे यह मुकाम हासिल हुआ।
-उसका सपना है कि वह अपने जिले और प्रदेश का नाम रोशन करे।

विभिन्न संगठनों ने दी बधाई
महादलित संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ के राष्ट्रीय महासचिव चंदन लाल वाल्मीकि सहित अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने सचिन को बधाई दी।