मुनव्वर राना की मां सुपुर्द-ए-खाक, अंतिम दर्शन को पहुंचे कई नामचीन

यूं तो आईसा खातून मुनव्वर राना और राफे राना की मां थीं, लेकिन उनके लिए हर कोई दुखी था। परिवार को एक माला में पिरोकर रखने में उनकी मां ता जिंदगी कामयाब रही, जैसे ही रायबरेली के लोगों को ये खबर हुई तो लोगों का ताता लग गया।

Published by Newstrack Published: February 10, 2016 | 1:59 pm
Modified: August 10, 2016 | 2:26 am

रायबरेली: देश के मशहूर शायर मुनव्वर राना की मां आयशा ख़ातून के इंतकाल पर उनके आवास पर शोक संवेदना जताने वालों का तांता लगा रहा। शायरी जगत की मशहूर हस्तियां उनके जनाजे में शामिल हुई। उनके छोटे बेटे सपा नेता राफे राना समेत सभी परिजनों की आंखें नम थीं। हर किसी की आंखों में मुनव्वर राना की मां के इंतकाल के भाव झलक रहे थे।

यूं तो आयसा खातून मुनव्वर राना और राफे राना की मां थीं, लेकिन उनके लिए हर कोई दुखी था। परिवार को एक माला में पिरोकर रखने में उनकी मां ता जिंदगी कामयाब रही, जैसे ही रायबरेली के लोगों को ये खबर मिली तो लोगों का तांता लग गया।

मुनव्वर राना को संभालते परिवार के लोग
मुनव्वर राना को संभालते परिवार के लोग

खुद को संभाल नहीं पा रहे थे मुनव्वर राना
मुनव्वर राना साहब जब अपनी मां के जनाजे के साथ जा रहे थे तो वो काफी मायूस थे। उनकी आंखों में आंसू झलक रहे थे। उनके परिवार के लोग उनको पकड़े हुए थे क्योंकि वो अपने को संभाल नहीं पा रहे थे।

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मुनव्वर को सबसे ज्यादा चाहती थी मां
उनके दोस्त और परिवार के लोग बताते है की वह अपनी मां के सबसे दुलारे बेटे थे। अगर उनके घर पर पहुचने पर मां नही दिखाई पड़ती थी तो वह सभी से पूछने लगते थे कि मां को देखा है कहां गई है। जब तक मां को अपने गले से नही लगा लेते थे तब तक उनको चैन नही मिलता था।

मां पर लिखी उनकी दो पंक्तियां उनके जुड़ाव को बयां करती हैं :
मेरी ख्वाहिश है कि मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊं,
मां से इस तरह लिपट जाऊं कि बच्चा हो जाऊं।

जनाजे में शामिल होने के लिए जाते लोग
जनाजे में शामिल होने के लिए जाते लोग

किडनी की बीमारी से थीं पीड़ित
मुनव्वर के बेटे तबरेज राणा ने बताया, दादी आयशा खान की किडनी काफी दिनों से खराब थी। डाइलिसिस के लिए सहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को उनकी तबियत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में रखा गया था। दोपहर में उनकी मौत हो गई। आयशा खान को उनके पैत्रिक निवास रायबरेली ले जाया जा रहा है। जहां बुधवार को उनका अंतिम सस्कार किया जाएगा।

लोगों ने मांगी दुआएं
-मौलाना ने फातिया पढ़ा फिर मैय्यत को सुपुर्द-ए-खाक करने की प्रकिया पूरी की गई।
-जनाजे में मौजूद लोगों ने राना के परिवार को गमी के इस माहौल में ढांढस बंधाया।
-उनकी मां की आत्मा की शांति के लिए दुआएं मांगी।

इस दौरन पहुंचे ये लोग
पूर्व एमएलसी सिराज मेहंदी और कांग्रेस के तिलोई (अमेठी) विधायक डॉ. मुस्लिम,किशोरी लाल शर्मा समेत तमाम लोग राना के आवास पर पहुंचे।