साध्‍वी बोलींं- हिंदू महिलाओं को भी व्रत के लिए छुुट्टी दे कांग्रेस सरकार

Published by Published: December 19, 2016 | 4:50 pm
Modified: December 19, 2016 | 8:31 pm
नमाज के लिए ब्रेक पर बोले हिंदू नेता-कब तक मुस्लिमों का तुष्टिकरण करेगी कांग्रेस

लखनऊ: उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार का विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी संस्‍थानों में मुस्लिम समुदाय के कर्मचारियों को जुमे की नमाज पढ़ने के लिए शुक्रवार को 90 मिनट का स्पेशल ब्रेक के फैसले पर विरोधी दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची ने इसे मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति बताया। उन्‍होंने कहा कि हिंदू महिलाएं भी व्रत रखती हैं उन्‍हें भी छुट्टी दे कांग्रेस सरकार।  वहीं बीजेपी महासचिव विजय बहादुर पाठक ने कहा कि चुनाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

क्या कहा साध्वी प्राची ने
कांग्रेस ने 60 सालों में केवल मुस्लिम तुष्टिकरण के आधार पर सत्ता हासिल की है। वह मुस्लिमों के सामने घुटने टेकती रही है और हिंदुओं के साथ सौतेला व्यवहार करती रही है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने यह ऐलान किया है। जनता सब समझती है। कांग्रेस कुर्सी के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है।

हिंदुओं में भी त्योहार होते हैं। हमारे हिंदू भाई बहनें भी व्रत रखती हैं पूजा करती हैं। फिर उन्‍हें छुट्टी क्‍यों नहीं देती कांग्रेस, उन्‍हें भी छुट्टी देनी चाहिए अगर हिंदुओं के लिए लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं फिर मुस्लिमों के लिए क्यों।

क्या बोले योगी आदित्यनाथ
-बीजेपी एमपी योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की है।
-योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस का चुनाव से ठीक पहले इस तरह का फैसला राजनीतिक तुष्टिकरण है।
-उन्होंने कहा कि सेक्युलर स्टेट का साम्प्रदायिक एजेंडा एक बार फिर सबके सामने आ चुका है।
-योगी ने कहा की वह हरीश रावत सरकार से यह पूछना चाहते हैं कि क्या वह सोमवार के दिन जलाभिषेक के लिए छुट्टी देना चाहेंगे क्योंकि उत्तराखंड देव भूमि है।
-हर सरकारी कर्मचारी जो हिंदू होगा वह भी चाहेगा कि भगवान शिव का जलाभिषेक कर सके।
-उसे भी छुट्टी मिलने की अनुमति मिल सके या मंगलवार के दिन हुनमान चालीसा का पाठ करने वाला हिंदू भी चाहेगा कि उसे भी स्पेशल ब्रेक मिले।
-क्या हरीश रावत सरकार इसकी अनुमति देंगे।
-योगी ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का फैसला देश को बर्बाद कर देगा। इस पर रोक लगनी चाहिए।
-ये देश कोई मत, मजहब, संप्रदाय से नहीं बल्कि एक संविधान से चलेगा।
-संविधान की शपथ खाने वाला व्यक्ति जब संबिधान के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहा हो तो इसको भी एक संज्ञेय अपराध बनाना चाहिए।

क्‍या कहा बीजेपी महासचिव ने
यूपी बीजेपी के महासचिव विजय बहादुर पाठक ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से तुष्टीकरण की राजनीति करती रही है और हरीश रावत सरकार ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए ये निर्णय लिया है। बीजेपी हमेशा ये मानती है कि सभी को न्याय मिले लेकिन तुष्टीकरण किसी का नहीं हो ।

क्‍या बाेले जफरयाब जिलानी
बाबरी मस्जिद एकशन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा कि इस फैसले के लिए उततराखंड सरकार का स्वागत है । जुमे की नमाज के लिए हर देश में सहूलियत दी जाती है हां ये हो सकता है कि उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार अब कट्टर हिंदू संगठनों के निशाने पर रहेगी लेकिन से फैसला स्वागत योग्य है ।

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उत्‍तराखंड सरकार ने किया है ऐलान
उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक से पहले एक बड़ा ऐलान किया है। उत्तराखंड सरकार ने सरकारी संस्‍थानों में काम करने वाले मुस्लिम समुदाय के कर्मचारियों को जुमे की नमाज पढ़ने के लिए शुक्रवार को 90 मिनट (12.30 से 2 बजे तक) का स्पेशल ब्रेक देने का फैसला किया है। सीएम हरीश रावत की मौजूदगी में हुई कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया गया। हालांकि इस आदेश में निजी संस्थाओं में नमाज के लिए अल्प अवकाश देने की किसी तरह की कोई बाध्यता नहीं होगी। सरकार ने फैसले को तुरंत लागू करने की बात कही। इसको लेकर कई दलों ने विरोध भी किया है।

बीजेपी ने हरीश रावत से हिंदुओं के लिए पूछा सवाल
-बीजेपी के सीनियर लीडर नलिन कोहली का कहना है कि वोटों के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक गिरने को तैयार है।
-उन्होंने सवाल किया कि क्या सीएम हरीश रावत सरकारी हिंदू कर्मचारियों को सोमवार को शिव पूजा या मंगलवार को हनुमान पूजा के लिए भी छूट देंगे।

मुस्लिमों  को बरगला रही हरीश सरकार: पूर्व सीएम
-पूर्व सीएम रमेश निशंक पोखरियाल का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के लोग जानते है कि हरीश रावत ने ये फैसला सिर्फ मुस्लिमों को बरगलाने के लिए लिया है।
-जबकि राज्य में आज भी मुस्लिमों की हालत बहुत खराब है।
-शिवसेना की मनीषा कयांदे का कहना है कि राज्य सरकार का ये फैसला मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत लिया गया है। हमारी पार्टी इस मामले को संसद में उठाएगी।