पूछे पब्लिक: टाइपराइटर तोड़ने वाला सस्पेंड, थप्पड़ पर DIG की सिर्फ जांच?

Published by Admin Published: February 24, 2016 | 3:44 pm
Modified: August 10, 2016 | 2:26 am

यूपी पुलिस के अधिकारी अलग लेकिन रवैया एक जैसा

लखनऊ: लखनऊ रेंज के डीआईजी डीके चौधरी ने मंगलवार रात एक बुजुर्ग को थप्पड़ जड़ दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे देखकर लोगों के जेहन में बुजुर्ग टाइपिस्ट से दरोगा की बर्बरता की याद ताजा हो गई। लोग सवाल कर रहे हैं कि सीएम ने दरोगा को तो तुरंत सस्पेंड करा दिया था, लेकिन क्या डीजीपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि, डीजीपी ने इस मामले की रिपोर्ट मांगी है, लेकिन लोग इससे संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।

-गोतमती नगर के अमन ने कहा, ”छोटे अधिकारियों पर तो गाज गिर जाती है, लेकिन बड़ों का मामला अक्सर दबा दिया जाता है। पहले तो तुरंत सस्पेंड करना चाहिए। जांच तो होती रहेगी। ”

-गुडंबा की रहने वाली प्रियंका ने कहा, ”टाइपिस्ट की पिटाई के फोटोज सामने आने के बाद सीएम से लेकर डीजीपी तक संभल गए और दरोगा पर कार्रवाई की थी और बुजुर्ग को टाइप राइटर लौटाया था।”

-गोमती नगर की रहने वाली साधना सिंह ने कहा, ”अब यह देखना है की एक बुजुर्ग को बीच बाजार पीटने वाले डीआईजी को सजा मिलती है कि नहीं?”

-सरोजिनी नगर एयरपोर्ट कॉलोनी निवासी सर्वेश्वर प्रताप सिंह ने कहा, ”पहले मामला दरोगा का था तो कार्रवाई हुई, लेकीन इस बार मामला डीआईजी का है। इसलिए कोई कार्रवाई हो जाए इस बात का भरोसा नहीं है।”

-मडियांव के अजय इस पर अलग राय रखते हैं। उनका कहना है कि यदि बात सीएम अखिलेश यादव तक पहुंचती है तो इस मामले में जरूर कार्रवाई होगी। गरीब हो या अमीर सबका आत्म सम्मान होता है। पुलिस को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए।

-कैंट निवासी आशीष कुमार का कहना है कि देश में प्रधानमंत्री और आम आदमी सब बराबर है। सरकार और डीजीपी साहब, दरोगा और डीआईजी में कैसे अंतर कर सकते हैं। डीआईजी को भी सस्पेंड होना चाहिए। बुजुर्ग की सम्मान वापसी के लिए सरकार कुछ करे।