यूपी के सभी अस्पतालों-सीएचसी व पीएचसी पर लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

यूपी के सभी अस्पतालों-सीएचसी व पीएचसी पर लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

यूपी के सभी अस्पतालों-सीएचसी व पीएचसी पर लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीती 30 जून को मन की बात कार्यक्रम में जल संरक्षण के लिए जन आंदोलन चलाने के आवाहन के बाद अब यूपी का स्वास्थ्य विभाग अपने सभी जिला चिकित्सालयों, सीएचसी, और पीएचसी पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है।

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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इसके लिए योजना तैयार करने को कहा हैं। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि इस योजना में एक चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से वर्षा जल संरक्षण की आधिकारिक संरचना तैयार की जायेगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से वर्षा जल को एकत्र करके उसका भूजल के रूप में भण्डारण किया जायेगा।

यूपी में स्वास्थ्य विभाग के 174 जिला अस्पताल, 863 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 4213 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस सभी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और जल संरक्षण के लिए कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।

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उन्होंने कहा कि संस्थानों की संख्या ज्यादा है फिर भी उम्मीद है कि आगामी एक साल में स्वास्थ्य विभाग यह काम पूरा कर लेगा। कार्य योजना का खाका तैयार करने की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को दी गयी है। जो जल्द से जल्द कार्ययोजना तैयार कर स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष पेश करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने इस योजना को मोदी सरकार के लक्ष्य हर घर जल की दिशा में एक और कदम बताते हुये कहा कि इस प्रकार वर्षा जल संरक्षण को प्रोत्साहन देकर गिरते भूजल स्तर को रोका जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान की तर्ज पर जल संरक्षण योजना के लिए भी जागरूकता अभियान चलाये जाने की आवश्यकता है। इस कार्य योजना पर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग जागरूकता फैलाने का काम करेगा।

गौरतलब है कि प्रदेश में जमीन से लगातार हो रहे पानी के दोहन से भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। पहले जहां सौं से डेढ़ सौ फीट की गहराई पर साफ पानी मिल जाता था वह अब दो से ढ़ाई सौ फीट की गहराई पर मिल रहा है।

इसको लेकर भूजल विभाग लगातार चेतावनी भी दे रहा है और नियम भी बनाये है। जिसके तहत किसी भी बड़ी इमारत में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था के बगैर निर्माण का नक्शा नहीं पास किया जा रहा है।

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