HC जाएगा रेप विक्टिम का परिवार, फास्‍ट ट्रैक कोर्ट ने नहीं दी एबॉर्शन की अनुमति

Published by August 20, 2016 | 1:02 pm
rape victim

बरेली: महज 14 साल की उम्र में सात महीने की गर्भवती रेप विक्टिम को एबाॅर्शन की अनुमति न मिलने से परिवार सदमे में है। उन्हें चिंता इस बात की है कि आखिर बिन ब्याही मां-बनी बेटी को कौन अपनाएगा। हालांकि परिवार ने हिम्मत नहीं हारी है। अगले हफ्ते वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील करेगा।

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विक्टिम के पिता का दर्द
-रेप विक्टिम के पिता के माथे पर चिंता की लकीरे और आवाज में दर्द साफ झलक रहा है।
-उन्होंने रुंधते गले से कहा कि एक तो मेरी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ और अब वह गर्भवती हो गई।
-अफसरों ने मेरी बात जल्द सुन ली होती तो हमें एबाॅर्शन  कराने की अनुमति मिल जाती।
-पुलिस पता नहीं मेरी बेटी को 18 साल का क्यों बता रही है, जबकि स्कूल के रिकार्ड में वह मात्र अभी 14 साल की ही है।
पिता ने बताया कि पहले तो उन्हें इस बारे में कुछ पता ही नही था।

-जिन दिनों घटना घटी वह एक सड़क निर्माण कंपनी के साथ काम कर रहे थे।
-बीती 26 मई को उन्हें एक संबंधी ने बताया कि उनकी बेटी दो माह के गर्भ से है।
-पूरी घटना जानने के बाद वह दौड़ते भागते थाने पहुंचे और पुलिस को दर्द बताया।
-लेकिन पुलिसवालों ने कागजी कार्यवाही में ही कई हफ्ते गुजार दिए।

-9 जून को शिकायत दर्ज हुई, इस दौरान पूरा गांव मामला दबाने की कोशिश करता रहा, लेकिन मैं न्याय की उम्मीद में कोर्ट के दरवाजे तक गया।
-पीड़िता के वकील वीपी ध्यानी ने बताया कि 30 सप्ताह का गर्भ गिराने के लिए हमने 26 जुलाई को आवेदन किया था।
-तब तक 26 सप्ताह निकल चुके थे, निचली अदालत से अनुमति न मिली तो हम फास्ट ट्रैक कोर्ट गए, वहां से भी निराशा हाथ लगी।

अदालत के आदेश से सदमे में परिवार
कोर्ट से एबाॅर्शन की अनुमति न मिलने से विक्टिम सदमें में है और परिवार को गहरा धक्का लगा है।
-परिजनों का कहना है कि पहाड़ जैसी जिंदगी लड़की किसके सहारे और कैसे काटेगी।
-किस्मत को कोस रहे पीड़िता के पिता का कहना है कि बिन ब्याही बेटी और उसके बच्चे का खर्च उठा पाने में वह असमर्थ हैं।

 क्या है पूरा मामला
-शेरगढ़ के गांव में 8 बच्चों के परिवार को पालने की जिम्मेदारी में बाप ने बेटी को गांव के ही एक परिवार में घरेलू काम करने के लिए भेजा था।
-उसी घर के छोटे बेटे आसिफ ने प्‍यार का झांसा देकर उसके साथ रेप किया।
– इसी दौरान लड़की गर्भवती हो गई, गांव में पंचायत हुई, पंचायत ने आसिफ को लड़की को अपनाने का हुक्म दिया।
-लेकिन लड़के वाले नहीं माने, एक दिन लड़की आसिफ के घर जाकर बैठ गई तो आसिफ ने उसे मारपीट कर निकाल दिया।
-7 जून 2016 को मामले की रिपोर्ट थाना शेरगढ़ में दर्ज कराई गई।
-शेरगढ़ पुलिस ने आरोपी आसिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।