TRIPLE TALAQ: कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगा AIMPLB, शिया बोर्ड ने किया स्वागत

AIMPLB सदस्य खालिद रशीद फरंगीमहली ने कहा कि कानून ने हमें यह हक दिया है कि किसी फैसले से हम इत्तेफाक नहीं रखते तो उसके खिलाफ अपील करें। बोर्ड की लीगल कमेटी इस फैसले की स्ट़डी करेगी और उसके खिलाफ अपील करेगी।

Published by zafar Published: December 8, 2016 | 2:53 pm
योगी सरकार कराएगी मुस्लिम लड़कियों का निकाह, दूल्हे की तरफ से अदा करेगी मेहर की रकम

लखनऊ: ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर मुस्लिम समुदाय में शिया और सुन्नी बंटे नज़र आए। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने जहां इस फैसले का स्वागत किया है वहीं सुन्नी पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसकी स्टडी कर इसके खिलाफ अपील करने का मन बना लिया है।

बोर्ड असहमत
-ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक्जीक्यूटिव मेंबर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने फैसले से असहमति जताई है.
-मौलाना ने कहा- हम मुल्क के हर कानून और अदालत का सम्मान करते हैं। पर उसी कानून ने हमें यह हक दिया है कि किसी फैसले से हम इत्तेफाक नहीं रखते तो उसके खिलाफ अपील करें। ऐसे में साफ है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की हमारी लीगल कमेटी इस फैसले की स्ट़डी करेगी और उसके खिलाफ अपील करेगी।

बोर्ड असंवैधानिक
-मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को अनकॉन्स्टीट्यूशनल कहे जाने पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि क्या इसका मतलब यह लगाया जाय कि हमे संविधान से ऊपर मानकर यह फैसला दिया गया है।
-उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि हमने हमेशा कानून के दायरे में काम किया है। हमारा कोई कदम असंवैधानिक है ही नही।
-मौलाना ने कहा कि हमारे देश का कानून ही हमें हक देता है कि हम पर्सनल लॉ को फॉलो करें। असंवैधानिक होने की कोई स्थिति है ही नहीं।

शिया बोर्ड सहमत
-वहीं ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि इस फैसले का हम स्वागत करते हैं।
-उन्होंने कहा कि यह फैसला बिलकुल मुनासिब है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिलकुल सही कहा है कि कोई भी संस्था कानून से ऊपर नहीं है।
-यासूब अब्बास के मुताबिक जैसे सती प्रथा को रोका गया उसी तरह ट्रिपल तलाक को खत्म किया जाना चाहिए।

-मौलाना ने कहा कि जिस तरह सती प्रथा में बेगुनाह लड़कियों की जिंदगी तबाह होती थी, उसी तरह ट्रिपल तलाक भी जिंदगियां तबाह कर रहा है।
-यासूब अब्बास ने कहा, हम इस फैसले का न सिर्फ स्वागत करते हैं, बल्कि इसको तुरंत कडाई से लागू करने की गुजारिश भी कर रहे हैं।

-इस मुद्दे को लेकर जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आ गया है, वहीं सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर चल रहे केस में इस फैसले का कितना असर पड़ेगा, अब यह एक बड़ा मुद्दा है।