यूपी निकला आगे: 27 चीनी मिलों का शानदार काम, इतने सैनिटाइजर प्रतिदिन बनाए

प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी ने बताया कि कोरोना के प्रसार के कारण सैनिटाइजर की बढ़ती मांग के दृष्टिगत तथा कोविड-19 की प्रभावी रोकथाम के लिए गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश की चीनी मिलों को सेनिटाईज़र उत्पादन के लिये प्रोत्साहित किया गया।

Published by Rahul Joy Published: May 29, 2020 | 2:12 pm
Modified: May 29, 2020 | 7:49 pm

लखनऊ: कोविड-19 के कारण लॉकडाउन की अवधि में भी उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास विभाग द्वारा गन्ना किसानों के हित में चीनी मिलों को चलाने का निर्णय लिया गया है। पेराई सत्र में कुल 119 चीनी मिलों में से विषम परिस्थितियों के बावजूद अब तक 94 चीनी मिलें अपने क्षेत्र का समस्त गन्ना पेराई कर बंद हो गई है तथा 25 चीनी मिलें अभी भी चल रही हैं।

प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी ने बताया इस समय पेराई सत्र में लाॅकडाउन के बावजूद भी प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा अब तक 11,015.07 लाख कुन्टल गन्ने की पेराई की गयी है, जबकि विगत वर्ष सामान्य परिस्थितियों मे इस समय तक 10,243.96 लाख कुन्टल गन्ने की पेराई की गयी थी। प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा लाॅकडाउन की इस अवधि में चीनी की बिक्री नगण्य होने के बावजूद भी खरीदे गये। गन्ने के सापेक्ष  5543.07 करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को कराया गया।

74,865 कुन्तल चीनी उपलब्ध कराई

उन्होंने यह भी बताया कि गन्ने की बसंतकालीन गन्ना बुवाई माह फरवरी से अप्रैल के अंत तक की जाती है इसके दृष्टिगत कृषकों को कोई परेशानी ना हो। गन्ना कृषकों को उनके देय गन्ना मूल्य के विरुद्ध प्रति कृषक एक कुंतल चीनी प्रति माह जून माह तक उस दिन के चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए तथा चीनी का मूल्य कृषकों से उनके पर्चियों से काटा जाएगा। इससे कृषकों को सस्ती चीनी उपलब्ध होगी तथा चीनी मिलों को भी वित्तीय तरलता प्राप्त होगी। इस व्यवस्था के तहत 70,793 गन्ना कृषकों को अब तक 74,865 कुन्तल चीनी उपलब्ध कराई गई है।

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सैनिटाइजर निर्माण कार्य अनवरत किया

प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी ने बताया कि कोरोना के प्रसार के कारण सैनिटाइजर की बढ़ती मांग के दृष्टिगत तथा कोविड-19 की प्रभावी रोकथाम के लिए गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश की चीनी मिलों को सेनिटाईज़र उत्पादन के लिये प्रोत्साहित किया गया। उत्तर प्रदेश में पहली बार 27 चीनी मिलों द्वारा लाॅकडाउन की अवधि के दौरान दो लाख लीटर से भी अधिक सैनिटाइजर प्रतिदिन बनाने की क्षमता प्राप्त करते हुए सैनिटाइजर निर्माण कार्य अनवरत किया जा रहा है, तथा प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेशो को भी सैनिटाइजर की आपूर्ति सुनिष्चित की जा रही है।

5,398 जगहों पर सेनिटाइजेशन किया

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा भी लाॅकडाउन की इस अवधि में प्रदेश की चीनी मिलों और गन्ना किसानों के परिवहन तथा आपूर्ति से जुड़े प्रकरणों में आ रही परेशानियों का समाधान किया गया। गन्ना विकास विभाग द्वारा अब तक चीनी मिलों के सहयोग से कोरोना महामारी के प्रसार की रोकथाम के लिये 3066 गांवो, 180 कस्बों, तथा 2152 सार्वजानिक कार्यालयों को मिलाकर कुल 5,398 जगहों पर सेनिटाइजेशन कराया जा चुका है।

प्रदेश के गन्ना कृषकों को लाॅकडाउन की अवधि के दौरान गन्ने की फसलों को नुकसान पहुॅचाने वाले कीटों यथा-टिड्डी प्रकोप, फाॅलआर्मी वार्म, पायरिला आदि के बारे में विभिन्न प्रचार माध्यमों यथा-प्रेस नोट, हैण्डबिल, सोषल मीडिया के माध्यम से सचेत किया गया जिससे गन्ना कृषकों को सुविधा हुई।

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