Premanand Maharaj Health: प्रेमानंद महाराज की बिगड़ी तबीयत, अनिश्चितकाल के लिए बंद हुई पदयात्रा, भक्तों में चिंता की लहर

Premanand Maharaj Health: प्रेमानंद महाराज की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। इसी कारण से पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है।

Priya Singh Bisen
Published on: 18 May 2026 2:11 PM IST (Updated on: 18 May 2026 2:11 PM IST)
Premanand Maharaj Health
X

Premanand Maharaj Health

Premanand Maharaj Health Update: वृंदावन के सबसे जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज की अचानक फिर से बिगड़ गयी है, जिसकी खबर सामने आते ही उनके भक्तों में चिंता और मायूसी का माहौल छा गया है। स्वास्थ्य खराब होने के कारण फिलहाल उनकी रात्रि पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। साथ ही उनके एकांतिक दर्शन भी फिलहाल रोक दिए गए हैं। आश्रम प्रशासन की तरफ से इस बारे में जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रेमानंद महाराज जी के बिना दर्शन किए वापस लौटना पड़ा।

हजारों भक्तों को महाराज जी के बिना दर्शन के वापस लौटना पड़ा

जानकारी के अनुसार, रविवार रात हर दिन की तरह हजारों भक्त महाराज जी के दर्शन और पदयात्रा में शामिल होने के लिए वृंदावन पहुंचे थे। श्रद्धालुओं को उम्मीद थी कि प्रेमानंद महाराज रात 3 बजे के आसपास केली कुंज आश्रम से निकलेंगे, लेकिन बहुत देर इंतजार के बाद आश्रम के शिष्य बाहर आए और उन्होंने लाउडस्पीकर के माध्यम से भक्तों को ये बड़ी सूचना दी।

शिष्यों ने दी प्रेमानंद महाराज जी के स्वास्थ्य की जानकारी

शिष्यों ने महाराज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए आज की पदयात्रा रद्द की जा रही है। साथ ही भक्तों से सड़क किनारे भीड़ न लगाने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की गई। यह जानकारी सामने आते ही वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं में निराशा छा गई। कई भक्त दूर-दराज के जिलों और राज्यों से केवल महाराज जी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे।

आश्रम प्रशासन के अनुसार, प्रेमानंद महाराज बीते लगभग 21 सालों से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। लगातार स्वास्थ्य समस्याओं के कारण डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि इसी कारण से फिलहाल उनकी सभी सार्वजनिक गतिविधियों पर पूर्ण तरीके से रोक लगा दी गई है।

बाराबंकी से आए श्रद्धालु राजू गुप्ता ने कहा कि वह खासतौर से महाराज जी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण महाराज जी के दर्शन नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि सभी भक्त राधा रानी से महाराज जी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं, श्रद्धालु पुष्पा गुप्ता ने बताया कि वह परिवार के साथ दर्शन के लिए आई थीं, लेकिन अचानक कार्यक्रम रद्द होने से निराशा हुई। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह भी साफ़ नहीं है कि अगली बार दर्शन कब शुरू होंगे।

पदयात्रा वृंदावन में भक्तों के बीच बेहद ख़ास आकर्षण था

बता दें कि प्रेमानंद महाराज की रात्रि पदयात्रा वृंदावन में भक्तों के बीच बेहद ख़ास आकर्षण का केंद्र बन चुकी थी। वह रोज रात करीब 3 बजे केली कुंज आश्रम से सौभरी वन तक करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल यात्रा करते थे। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर उनके दर्शन करते थे। ऐसे साधारण दिनों में लगभग 20,000 श्रद्धालु पहुंचते थे, जबकि वीकेंड और खास पर्वों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी।

कहां जन्मे हैं प्रेमानंद महाराज?

प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में हुआ था। उनके बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। पिता शंभू नारायण पांडे और माता रामा देवी के 3 बेटों में वह मंझले थे। बचपन से ही उनका झुकाव अध्यात्म की तरफ बहुत ही ज्यादा था। उन्होंने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की और कम उम्र में ही सांसारिक जीवन छोड़कर भक्तिमय हो गए।

वृंदावन आने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। यहां वह रोज़ाना बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने लगे और धीरे-धीरे राधावल्लभ संप्रदाय की भक्ति में पूर्ण रूप से खुद को समर्पित कर दिया। ऐसा कहा जाता है कि एक श्लोक के माध्यम से उन्हें राधावल्लभ परंपरा की तरफ गहरा आध्यात्मिक आकर्षण महसूस हुआ, जिसके बाद उन्होंने इसी संप्रदाय को अपना लिया और राधावल्लभी संत के रूप में प्रसिद्ध हुए।

फिलहाल प्रेमानंद महाराज की तबीयत को लेकर उनके भक्त लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। वृंदावन सहित पूरे देश में उनके अनुयायियों के बीच गंभीर चिंता का माहौल है और सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen

Mail ID - Priyasinghbisen96@gmail.com

Content Writer

Next Story