Meerut News: श्रमिक बेटियों के विवाह में सरकार का सहारा, मिलेगी 1 लाख तक की मदद

Meerut News: मेरठ में कन्या विवाह सहायता योजना से हजारों श्रमिक परिवारों को राहत मिली है। सामान्य, अंतरजातीय और सामूहिक विवाह पर एक लाख रुपये तक सहायता दी जा रही है।

Sushil Kumar
Published on: 9 Jun 2026 10:14 PM IST
Government supports marriage of workers daughters, assistance up to Rs 1 lakh
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श्रमिक बेटियों के विवाह में सरकार का सहारा, मिलेगी 1 लाख तक की मदद (Photo- Social Media)

Meerut News: श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक तंगी अब उतनी बड़ी बाधा नहीं रह गई है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कन्या विवाह सहायता योजना हजारों परिवारों के लिए संबल बनकर उभरी है। मेरठ जिले में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 2,549 श्रमिक परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए 14 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में भी योजना का लाभ देने की प्रक्रिया जारी है और अब तक 68 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।

श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों की दो पुत्रियों अथवा स्वयं महिला श्रमिक के विवाह पर आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य विवाह के लिए 65 हजार रुपये, अंतरजातीय विवाह के लिए 75 हजार रुपये और सामूहिक विवाह की स्थिति में एक लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। सामूहिक विवाह में 85 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि शेष राशि आयोजन पर खर्च की जाती है।

आंकड़े बताते हैं कि यह योजना लगातार लोकप्रिय हो रही है। मेरठ जिले में अब तक 11,949 श्रमिक परिवार इसका लाभ उठा चुके हैं। मार्च से मई 2026 के बीच मेरठ मंडल के 195 श्रमिक परिवारों को मेरठ और गाजियाबाद में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई गई।

सामूहिक विवाह योजना में मिलेगा इसका लाभ

योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का बोर्ड में पंजीकरण कम से कम एक वर्ष पुराना होना आवश्यक है। विवाह संपन्न होने के एक वर्ष के भीतर आवेदन किया जा सकता है, जबकि सामूहिक विवाह योजना में शामिल होने के लिए आयोजन से 15 दिन पहले आवेदन करना होता है।

उप श्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने बताया कि शासन से इस वित्तीय वर्ष में भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है और पात्र श्रमिक परिवारों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि कुछ विशेष परिस्थितियों में पुनर्विवाह के मामलों में भी योजना का लाभ दिया जाता है।

श्रम विभाग का मानना है कि यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, बल्कि श्रमिक परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह को भी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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