उत्तर प्रदेश

गत लोकसभा चुनाव में विधायक से सांसद बने सत्यदेव पचौरी (गोबिन्द नगर) में उनके पुत्र अनूप पचौरी, डा रीता जोशी (लखनऊ कैट) में उनके पुत्र मयंक जोशी समेत कई अन्य जगहों पर उनके पुत्र दावेदार बनकर उभरे हैं। जिसके कारण भजपा नेतृत्व बेहद पशोपेश में है।

घटना इतनी भयावह रही कि इस घटना में मासूम बच्ची सहित चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि धमाका इतनी तेज था कि फैक्टरी के पास बने मकान भी बालू हो गए हैं। घटना के बैद राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है।

समाजवादी पार्दी के सांसद आज़म खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ भी 420 का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को आज़म की मां पर धारा 420, 447 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3(2)ख में केस दर्ज किया गया है।

इसे लेकर विवाद होता रहता था। घटना के बाद रोते बिलखते परिवार के सदस्य पुलिस वालों से यह भी कहते रहे कि पहले से घटना की आशंका जताई जा रही थी लेकिन कुछ नहीं किया गया।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के राज में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में एक के बाद एक उनको 3 बड़े झटके लगे हैं।

जिम्मेदार अधिकारी इस घटना से अनजान बने हुए हैं जब इस घटना के बारे में पशुपालन अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सरकारी खाद बीज आया था।

लॉ कॉलेज की छात्रा ने चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। लेकिन स्वामी चिन्मयानंद से इस मामले में ब्लैकमेलिंग करने का आरोप पीडि़त लॉ छात्रा और उसके दोस्तों पर है।

डा. द्विवेदी ने कहा कि मिड-डे-मील की क्वालिटी की मानीटरिंग के लिए ’मां’ समूह का गठन किया गया है। उन्होने अधिकारियों से कहा कि मिड-डे-मील में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाये, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।

दूसरे चरण में चार सदस्यों की टीम अन्य राज्यों की सड़क परिवहन निगम की सर्वोत्तम प्रचलन और दुनिया के अन्य हिस्सों मे अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम अभ्यास का अध्ययन करेगी। जिन्हें आसानी से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में अपनाया जा सकता है।

उसके किस विटामिन की कमी है क्या बीमारी है। यह ऐसा एप है जो 38 बीमारियों का पता कर लेता है। प्रदेश में पोषण माह के पहले पखवाड़े (1 से 15 सितंबर) में आरबीएसके एप के जरिये 8405 बच्चे संदर्भित किए गए हैं। इसमें अधिकांश बच्चों में विटामिन ए की कमी पाई गई है। जबकि कुछ बच्चों में