उत्तर प्रदेश

यूपी के प्रयागराज से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक युवक को केवल इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने चाय की दुकान पर चर्चा के दौरान तबलीगी जमात के खिलाफ टिप्पणी की थी।

पीएम के आह्वान के बाद दीये और मोमबत्ती की मांग अचानक बढ़ गई है। कुम्हारों का धंधा भी पटरी पर दौडऩे लगा, वरना लॉकडाउन में धंधा मंदा होने से वह परेशान थे। कुम्हार मिट्टी के दीये बनाने में जुटे हैं। उनको उम्मीद है शाम तक दीये की खूब बिक्री होगी।

यूपी के शामली से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कोरोना के संक्रमित मरीजों की जानकारी एकत्र करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ गया।

लॉक डाउन के चलते जहां आम आदमी को खाने पीने की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर कुछ समाजसेवी जो जरूरतमंदों की हर संभव मदद कर रहे हैं इसी को देखते हुए एक 4 साल की बच्ची जिसने दरियादिली दिखाई।

कोरोना वायरस की गिरफ्त में अब धीरे-धीरे पूर्वान्चल आता जा रहा है। कोरोना की वजह से पूर्वान्चल में पहली मौत का मामला सामने आया है। वाराणसी में कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत हो गई है।

पूरा देश इस समय कोरोना वायरस की चपेट में है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने देश भर में लॉक डाउन घोषित कर दिया है। जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी जगह बंदी लागू है।

बागपत जिले में लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंस का पूरी तरह से पालन नही किया जा रहा है । बागपत जिले की बढ़ौत सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ जमा हो रही है और जिले में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर भी राशन लेने के लिए लोगों  का हुजूम जमा हो रहा है ।

इस बात की गवाही सरकारी आंकड़े भी दे रहे हैं जिनके अनुसार देश के कुल 509 जिले अभी तक कोरोना के संक्रमण से बचे हुए हैं। मात्र 211 जिलों में कोरोना वायरस के मामले पाए गए हैं। देश में कुल 720 जिले हैं। लगभग 40 फीसदी जिले यानी देश का आधा हिस्सा संक्रमण से बचा हुआ है। हमें इसको बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अप्रैल को रात्रि 9 बजे घर की बत्तियां बुझाकर, 9 मिनट तक दीया, मोमबत्ती, टाॅर्च, मोबाइल फ्लैश लाइट आदि जलाने का आह्वान किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चेतावनी के बावजूद हम इस खतरनाक वायरस के प्रति बेपरवाह हैं। ऐसे नहीं हो जाएगा कोरोना, कोई चिपक नहीं जाएगा, कोरोना जैसे जुमले बोल रहे हैं। हमें नहीं होगा कोरोना। मास्क नहीं लगा रहे हैं। दोस्तों के साथ झुंड बनाकर गली, मोहल्लों के नुक्कड़ घरों के बाहर, चौराहों पर अड़ी पंचायत लगाने की अपनी आदत को नहीं छोड़ पा रहे हैं।