उत्तर प्रदेश

फागू चौहान का जन्म आजमगढ़ के शेखपुरा में एक जनवरी, 1948 को हुआ था। उनके पिता का नाम खरपत्तु चौहान है। उनकी पत्नी का नाम मुहारी देवी है। उनके तीन लड़के और चार लड़कियां हैं। पिछड़ी जाति से आनेवाले फागू चौहान वर्ष 1985 में पहली बार दलित किसान मजदूर पार्टी से घोसी विधानसभा से विधायक बने।

घटना थाना निगोही के बसंतपुर गांव की है। यहां के रहने वाले हैदललाल की 12 वर्षिय बेटी शीतल आज स्कूल से वापस घर लौट रही थी। जैसे ही वह गांव के अंदर रोड पर आई। तभी एक कार से तीन बदमाश आए और उस छात्रा को रास्ते में  रोक लिया। उसके बाद तीनों बदमाशों ने छात्रा को खींचकर कार में बैठाने की कोशिश की।

सोनभद्र में हुए जमीनी विवाद में 10 लोगों की मौत के बाद लगता है प्रशासन नहीं जागा है। सोनभद्र के बाद अब यूपी गोरखपुर से जमीन विवाद में मारपीट का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस और लेखपाल पैसे लेकर जमीन पर कब्जा करा रहे हैं।

सावन के महीने में शिव मंदिरों का महत्व काफी बढ़ जाता है। सावन मास के हर सोमवार को शिव मंदिरों में कावरिये गंगा जल लेकर बोल बम के जयकारों के साथ लाइन में लगे रहते हैं। सावन मास में खास तौर से उन मंदिरों का महत्व और बढ़ जाता है जो स्थान पुराणों में वर्णित हैं।

आनंदीबेन शाकाहारी हैं और उन्हें पक्षियों से बहुत लगाव है और बागवानी में अपना समय बिताना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। वे एक मितव्ययी जीवन शैली को अपनाती हैं तथा जबरदस्त प्रशासनिक दक्षता के लिए जानी जाती हैं।

अबतक इस प्रदेश से पांच राज्यपाल बन चुके थें लेकिन आज फागू चैहान के राज्यपाल बनने के बाद अब इनकी संख्या छ: हो गयी है। इसके पहले कल्याण सिंह राजस्थान, केशरी नाथ त्रिपाठी पश्चिम बंगाल, लालजी टंडन बिहार, बेबी रानी मौर्य उत्तराखण्ड, कलराज मिश्र हिमांचल प्रदेश के राज्यपाल बनाए जा चुके हैं।

याची के अधिवक्ता का कहना था कि 921 प्रयोगशाला सहायकों के पदों का विज्ञापन निकाला गया था। जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर 16 थी। आवेदकों के लिए उ.प्र. राज्य मेडिकल फैकल्टी द्वारा प्रदत्त लैब टेक्नीशियन का डिप्लोमा अनिवार्य था।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सोनभद्र की घटना पर प्रदेश सरकार ने तत्काल तत्परता से कार्यवाही करते हुए दोषी अधिकारियों को निलम्बित किया तथा सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

राज्यपाल ने पुस्तक के शीर्षक ‘प्रयागराज: दैट वाॅज इलाहाबाद-रिट्ररोस्पेक्ट एण्ड प्रोस्पेक्ट’ की सराहना करते हुये कहा कि पुस्तक का नाम अपने आप में कालचक्र के परिवर्तन का सूचक है। प्रयाग, प्रयागराज एवं इलाहाबाद केवल नाम नहीं हैं बल्कि अपने आप में इतिहास को समोये हुये है।

देश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि हमारे प्रदेश में खरीफ मौसम में बोये जाने वाली मक्का के क्षेत्रफल का आच्छादन सबसे अधिक है, लेकिन इसकी उत्पादकता रबी मौसम में बोऐ जाने वाली मक्का से कम है।