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PM ने एक और गांव को लिया गोद, लोगों ने गुलाल उड़ाकर मनाई होली

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AdminBy Admin

Published on 7 March 2016 5:46 AM GMT

PM ने एक और गांव को लिया गोद, लोगों ने गुलाल उड़ाकर मनाई होली
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वाराणसी: सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी में गोद लिए गए जयापुर गांव में विकास की शुरुआत करने के बाद एक और गांव को गोद लिया है। इस बार मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र से नागेपुर गांव को चुना है। पीएम के गोद लेने की सूचना जब गांव में पहुंची तो गांव के लोग खुशी से झूम उठे। गांव में लोगों ने रंग गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया।

ग्रामीणों ने गुलाल से मनाई होली

-पीएम मोदी ने आराजी ब्लॉक के नागेपुर गांव का चयन किया है।

-इस जानकारी के बाद ग्रामीणों में खासा उत्साह है।

-अपनी इस खुशी को जाहिर करने के लिए उन्‍होंने रंग गुलाल के साथ होली मनाई।

-एक दूसरे को गुलाल लगाकर मिठाई खिलाई।

जयापुर की तरह विकास चाहते हैं ग्रामीण

-नागपुर गांव शहर से लगभग 40 किमी दूर स्थित है।

-गांव की आबादी लगभग 4 हजार है।

-इसमें 2030 पुरुष और 1800 महिलाएं हैं।

-इस गांव में न तो बिजली है और न ही पानी की उचित व्यवस्था।

-ग्रामीण अब अपने गांव में जयापुर गांव की तरह विकास चाहते हैं।

-सभी को यह आस है कि पीएम उनके गांव को विकास की राह पर अग्रसर करेंगे।

पीएम के लिए आसान नहीं रांह

-नागपुर गांव में मूलभूत सुविधाओं की बहुत कमी है।

-गांव में कई समस्याएं हैं जो इस गांव को आदर्श गांव बनने से रोक सकती हैं।

-गांव के प्रधान काशी नाथ ने कहा कि गांव में पानी और बिजली की असुविधा है

गांव में है असुविधाओं का अंबार

-गांव में एक भी प्राथमिक विद्यालय नहीं है।

-यहां न तो कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है और न ही आगनबाड़ी केंद्र।

-गांव की महिलाओं को शौच के लिए आज भी खुले में जाना पड़ता है।

तंगहाली में जीने को मजबूर बुनकर

-कभी बुनकरी के लिए जाना जाने वाला नागपुर गांव आज बेरोजगारी की मार झेल रहा है।

-गांव के ज्यादातर बुनकर अब मजदूरी करने शहर आते हैं, गांव के करघे बंद पड़े हैं।

-खेती-किसानी के लिए भी गांव में सिंचाई के लिए पानी की कमी है।

डार्क जोन घोषित है ये गांव

-यह गांव पहले से डार्क जोन घोषित है।

-गांव का जल का स्तर गिरने से यहां पेयजल की समस्या भी है।

-बिजली 24 घण्टे में मुश्किल से सिर्फ रात में 8 घण्टे ही मिल पाती है।

नीचे की स्‍लाइड्स में देखें ग्रामीणों ने कैसे मनाई खुशी।

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