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गोरखनाथ मंदिर में चढ़ने लगी आस्था की खिचड़ी, दलित के घर भोजन कर CM योगी देंगे समरसता का संदेश

गोरखनाथ मंदिर के सुप्रसिद्ध खिचड़ी मेले में आधी रात से ही आस्था की खिचड़ी चढ़ने लगी है। श्रद्धालु खिचड़ी के रूप में अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं।

Purnima Srivastava

Report Purnima SrivastavaPublished By Vidushi Mishra

Published on 14 Jan 2022 6:18 AM GMT

गोरखनाथ मंदिर में चढ़ने लगी आस्था की खिचड़ी, दलित के घर भोजन कर CM योगी देंगे समरसता का संदेश
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Gorakhpur: गोरखनाथ मंदिर के सुप्रसिद्ध खिचड़ी मेले में आधी रात से ही आस्था की खिचड़ी चढ़ने लगी है। श्रद्धालु खिचड़ी के रूप में अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दोपहर 12 बजे गोरखपुर फ़र्टिलाइज़र झुंगिया गेट के समीप, अमृतलाल भारती के यहां सहभोज में शामिल होंगे।

गुरुवार की आधी रात से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होने लगी। पूर्वांचल ही नहीं नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ाने आ रहे हैं। त्रेतायुग से जारी बाबा गोरखनाथ को मकर संक्रांति की तिथि पर खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा की सूत्रधार गोरक्षपीठ ही है। मंदिर परिसर में करीब माह भर तक लगने वाला खिचड़ी मेला भी जाति-धर्म के बंटवारे से इतर हजारों लोगों की आजीविका का माध्यम बनता है।

मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ के मुताबिक इस साल बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी शनिवार को चढ़ाई जाएगी। इस वर्ष शुक्रवार रात 8 बजकर 49 मिनट पर सूर्यदेव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं।


इसलिए इस वर्ष मकर संक्रान्ति का महापर्व निर्विवाद रूप से 15 जनवरी, शनिवार को मनाया जायेगा। सबसे पहले गोरक्षपीठकी तरफ से पीठाधीश्वर खिचड़ी चढ़ाएंगे। तत्पश्चात नेपाल नरेश के परिवार की ओर से आई खिचड़ी बाबा को चढ़ेगी।

मुश्किल में कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन

गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति (खिचड़ी) के सभी अनुष्ठान कोविड प्रोटोकॉल में होने का दावा है। लेकिन श्रद्धा के आगे इसका अनुपालन मुश्किल ही दिख रहा है। मंदिर में श्रद्धालुओं में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिख रही है।


हालांकि मंदिर प्रबंधन एवं प्रशासन की तरफ से लगातार यह अपील भी की जा रही है कि श्रद्धालु मास्क पहनकर आएं और साथ ही शासन द्वारा तय कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन करें। मंदिर एवं मेला परिसर को पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित कर पर्यावरण संरक्षण का भी ख्याल रखा गया है।

लोगों से अपील की गई है कि वे बाबा को चढ़ाने के लिए खिचड़ी (चावल, उड़द दाल आदि) व अन्य कोई भी प्रसाद पॉलिथीन में रखकर न लाएं। मकर संक्रांति पर्व पर गोरखपुर आवागमन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर से बढ़नी और नौतनवा के बीच दो जोड़ी खिचड़ी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही खिचड़ी पर्व पर नेपाल के श्रद्धालुओं को भी गोरखपुर आने-जाने में सहूलियत होगी।

Vidushi Mishra

Vidushi Mishra

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