स्वामी चिन्मयानद को छोड़ दीजिये! ये माननीय भी किसी से कम नहीं

पीड़ित छात्रा के पिता ने तो शारीरिक शोषण तक का आरोप लगाया है।  इस घटना को लेकर वे कोई भी सफाई देने के बजाए आरोपों का जवाब पुलिस और न्यायालय के सामने देने की बात कह रहे है।

स्वामी चिन्मयानद को छोड़ दीजिये! ये माननीय भी किसी से कम नहीं

स्वामी चिन्मयानद को छोड़ दीजिये! ये माननीय भी किसी से कम नहीं


श्रीधर अग्निहोत्री

लखनऊ।(स्वामी चिन्मयानद) देश में अन्य राज्यों में जहां कई बाबा और संत यौन शोषण के मामलों में जेल की हवा खा रहे हैं वहीं यूपी भी इससे अछूता नही है।

राजनीतिक क्षेत्र से जुडे रहे इन माननीयों ने अपने प्रभाव से महिलाओं को जाल मे फंसाकर उनके साथ दुराचार किया।

अब इस मामलें में पूर्व गृह राज्यमंत्री और तीन बार के सांसद स्वामी चिन्मयानन्द का नाम सामने आया है जिन्हे आज एक युवती के साथ दुराचार के मामले में गिरफ्तार किया गया।

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आठ साल बाद फिर लगा आरोप:

अटल सरकार मेें गृह राज्यमंत्री रहे कृष्णपाल सिंह उर्फ चिन्मयानंद पर आठ साल बाद फिर एक ऐसा आरोप लगा है जिसको लेकर वे विवादों में है। उन पर शाहजहांपुर लॉ कालेज की एक छात्रा ने डराने धमकाने और उत्पीडऩ का आरोप लगाया है।

पीड़ित छात्रा के पिता ने तो शारीरिक शोषण तक का आरोप लगाया है।  इस घटना को लेकर वे कोई भी सफाई देने के बजाए आरोपों का जवाब पुलिस और न्यायालय के सामने देने की बात कह रहे है।


साध्वी चिर्दपिता ने लगाया था आरोप:

एनडीए सरकार में गृहराज्यमंत्री रहे स्वामी चिन्मयांनद पर इससे पहले बदायूं की रहने वाली कोमल गुप्ता उर्फ साध्वी चिर्दपिता ने वर्ष 2011 में यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था।

इस मामलें में  मीडिया में खूब हो हल्ला हुआ लेकिन मामला राजनीतिक लोगो से जुड़े होने के कारण डाब  गया।

प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इससे संबधित मुकदमा भी वापस लिया गया लेकिन न्यायालय ने उसे नहीं माना और मुकदमा पूर्ववत चलते रहने को कहा।


तीन बार रह चुके हैं सांसद:

स्वामी चिन्मयानंद शाहजहांपुर और बदायूं से कुल तीन बार सांसद रह चुके है।

 

इस बार जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो उनकी सक्रियता एक बार फिर बढ़ी, हालांकि राजनीतिक हल्कों में इस संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है

 

कि यह सब उनकी छवि को धूमिल करने या फिर उन्हे राजनीति की मुख्यधारा से हटाने के लिए उनके खिलाफ साजिश की जा रही है।


साक्षी महाराज पर भी लगा है आरोप:

भाजपा में स्वामी चिन्मयानंद ऐसे पहले नेता नहीं है जिन पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे है

 

इससे पहले भी भाजपा के फायरब्रांड नेता सच्चिदानंद साक्षी महाराज जो इस समय उन्नाव से सांसद है उन पर भी यौन उत्पीडऩ  का आरोप लग चुके है।

 

भाजपा से निकलने के बाद वे समाजवादी पार्टी से राज्यसभा के सदस्य रहे फिर राष्ट्रीय क्रान्ति पार्टी और 2014 में लोकसभा चुनाव से पूर्व फिर भाजपा में शामिल हुए।

 

इसके पहले वह फर्रुखाबाद और फिर उन्नाव से सांसद हुए। अयोध्या आंदोलन में सक्रिय रहने के कारण भाजपा में उनका शुमार मुखर वक्ताओं के रूप में होता है।


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नई सदी की शुरूआत होते ही एटा की रहने वाली दुर्गा भारती ने साक्षी महाराज पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था।

 

इसकी गूंज राजधानी लखनऊ तक में सुनाई दी थी।

 

मामला राजनीतिक दल से जुड़े बड़े नेता से जुड़े होने के कारण रफा-दफा हो गया।

 

कार्रवाई के नाम पर केवल कागजों की आवाजाही होती रही लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला।

यह भी महज संयोग भगवाधारी जिन माननीयों पर उत्पीडऩ के केस दर्ज हुए उनमें सभी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए है।

 

इसी तरह मायावती सरकार में  भाजपा से  विधायक हुए कौशलेन्द्र नाथ योगी पर उनकी नौकरानी ने बंधक बनाकर रेप किए जाने का आरोप लगाया।

 

जिस समय पुलिस नें उनके कमरे में छापा मारा उस समय उनके कमरे से शराब की बोतले, यौनवर्धक और नशे की गोलियां आदि बरामद हुई थी।

 

कौशलेन्द्र नाथ योगी तुलसीपुर से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे ।

 

कौशलेन्द्र नाथ देवीपाटन मंदिर में एक महत्वपूर्ण पद पर रह चुके है।