राम-भक्त हुई मुस्लिम महिलाएं: तबलीगी जमात के लिए मांगी सद्बुद्धि, उतारी आरती

रामनवमी के मौके पर बनारस की मुस्लिम महिलाओं ने नई मिसाल पेश की। पिछले 14 वर्षों से साम्प्रदायिक एकता के सूत्र में देश को बांधने के लिये बनारस की मुस्लिम महिलायें भगवान श्रीराम की आरती करती आ रही हैं।

राम-भक्त हुई मुस्लिम महिलाएं: तबलीगी जमात के लिए मांगी सद्बुद्धि, उतारी आरती

वाराणसी। रामनवमी के मौके पर बनारस की मुस्लिम महिलाओं ने नई मिसाल पेश की। पिछले 14 वर्षों से साम्प्रदायिक एकता के सूत्र में देश को बांधने के लिये बनारस की मुस्लिम महिलायें भगवान श्रीराम की आरती करती आ रही हैं। हनुमान चालीसा फेम नाजनीन अंसारी ने उर्दू में रचित श्रीराम आरती एवं श्रीराम प्रार्थना प्रत्येक रामनवमी पर मुस्लिम महिलाओं द्वारा गाया जाता है, लेकिन कोरोना लॉकडाउन के दौरान मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने सभी मुस्लिम महिलाओं को भीड़ जुटाने से मना कर दिया। केवल उन्हीं 4 महिलाओं को आरती की इजाजत दी जो प्रतिदिन भूख पीड़ितों के लिये भोजन बना रही हैं। भूख पीड़ितों की सेवा ही राम का काम है।

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भगवान राम की उतारी आरती

लमही के सभागार में सामाजिक दूरी बनाते हुये 4 मुस्लिम महिलायें नेशनल सदर नाजनीन अंसारी की सदारत में भगवान श्रीराम की आरती करने के लिये खड़ी हुयीं। किसी के हाथ में आरती की थाली थी, किसी ने लोहबान जलाया और किसी ने कपूर। वातावरण को शुद्ध करने वाली सारी सामग्री जलायी गयी। मुंह पर मास्क लगाया और हाथों को अच्छी तरह धुलकर श्रीराम आरती में भाग लेने वाली महिलाओं ने कोरोना से बचने के उपाय कर लोगों को जागरूक किया।

तब्लीगी जमात को सद्बुद्धि देने के लिए मांगी दुआ

मुस्लिम महिलाओं ने तबलीगी जमात की करतूत से पूरे देश में कोरोना के मामलों में आई अचानक वृद्धि को लेकर चिंता जताई। महिलाओं ने भगवान श्रीराम से प्रार्थना किया कि इनके पाप से भारत को मुक्त करायें।

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साम्प्रदायिक एकता की मिशाल के रूप में हमेशा मुस्लिम महिलाओं की श्रीराम आरती को देखा जाता रहा है। अबकी बार मुस्लिम महिलाओं द्वारा भगवान श्रीराम की आरती भारत को कोरोना संकट से मुक्ति दिलाने के लिये किया गया।

मुस्लिम महिलाओं ने उर्दू में लिखी श्रीराम आरती और श्रीराम प्रार्थना का गायन किया और संकट मोचक राम भक्त हनुमान चालीसा का पाठ कर इस भयानक संकट से मुक्त कराने के लिये प्रार्थना किया।

इस अवसर पर मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि तबलीगी जमात के कट्टरपंथी मौलानाओं ने पूरे देश को संकट में डालने का पाप किया है। इस पाप से श्रीराम ही मुक्ति दिला सकते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ही अधर्म और संकट से मुक्ति का नाम है, भाईचारा को बढ़ाने वाला है और देश को एक सूत्र में बांधने वाला है।