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सहारनपुर दंगा : जब 'बेशर्म नेता' अस्पताल में करने लगे हो-हल्ला, दिखाया गया बाहर का रास्ता

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RishiBy Rishi

Published on 24 May 2017 12:39 PM GMT

सहारनपुर दंगा : जब बेशर्म नेता अस्पताल में करने लगे हो-हल्ला, दिखाया गया बाहर का रास्ता
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सहारनपुर : कहते हैं किसी का गम किसी और के लिए खुशियाँ लेकर आता है। ठीक ऐसा ही सहारनपुर में हो रहा है, यहाँ के जातीय दंगे राजनैतिक दलों के लिए अपनी रोटियां सेकनें का बढ़िया मौका बन कर हाथ लग गए हैं। मंगलवार को बसपा सुप्रीमो मायावती हिंसाग्रस्त इलाके का दौरा कर वापस लौटी। तो बुधवार को रालोद नेता जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में घायलों को देखने आ धमके। यहाँ उनकी एक दलित महिला नेता से नोंकझोंक हो गई। लड़ते नेताओं ने ये भी नहीं सोचा की उनके इस दंगल से मरीजों को कितनी परेशानी हो रही होगी

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बुधवार शाम लगभग पांच बजे रालोद नेता और पूर्व मंत्री योगराज सिंह अपने कुछ साथीयों के साथ मंडल जिला अस्पताल जा पहुंचे। इसी दौरान जिला अस्पताल में पहले से मौजूद दलित नेत्री पुनीता गौतम ने इनका विरोध किया। कहा कि जब सबकुछ बर्बाद हो गया तो दलितों के प्रति झूठी हमदर्दी क्यों। इसी बात को लेकर रालोद नेताओं और दलित नेत्री में काफी देर तक गरमागरम बहस होती रही। बवाल बढ़ने पर वहां तैनात सेना के जवानों ने दोनों पक्षों को आगे से अस्पताल न आने की हिदायत देकर बाहर निकाल दिया।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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