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आंख खोलते ही नवजात से छिना ममता का आंचल,अर्थी पकड़कर रोई दो मासूम बेटियां
डाक्टरों नें रीना को डिस्ट्रिक्ट हास्पिटल सुल्तानपुर रेफर किया। यहां पर भी उसकी हालत में सुधार नहीं आया, और शनिवार सुबह उसनें आख़री सांस ली।
सुल्तानपुर: चार साल की कुसुम और आठ साल की कुमकुम मां की लाश पर रो-रो कर बेहाल हो रहीं थीं। जबकि कुछ घंटे पहले दुनिया में आंख खोलने वाली नवजात से ममता का आंचल छिन गया। ये दुःख भरी दास्तान है जयसिंहपुर कोतवाली के चांदपुर गांव की, जहां एक प्रसूता की मौत पर मातम बरपा है।
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जयसिंहपुर कोतवाली के चांदपुर गांव का मामला
गौरतलब हो कि जयसिंहपुर कोतवाली के चांदपुर गांव में आशाराम का परिवार निवास करता है। शुक्रवार को उसके परिवार में खुशी आनें वाली थी, प्रसव पीड़ा के चलते आशाराम नें पत्नी रीना (32) को पीएचसी सेमरी में एडमिट कराया था। यहां रात करीब 8 बजे के आसपास उसे नार्मल डिलेवरी हुई। लेकिन एकाएक उस रक्त स्राव होने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई।
आनन-फानन में डाक्टरों नें रीना को डिस्ट्रिक्ट हास्पिटल सुल्तानपुर रेफर किया। यहां पर भी उसकी हालत में सुधार नहीं आया, और शनिवार सुबह उसनें आख़री सांस ली।
सबको रोता देख अचंभित रह गई बेटियां
उधर जब रीना के घर पर ये ख़बर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। कुछ देर के बाद जहां नवजात तो सही सलामत घर पर आई, वहीं रीना की लाश साथ में थी। जिसे देख वहां मातम मच गया। जिस समय सब रो रहे थे तभी वहां रीना की दो बेटियां कुमकुम (8) और कुसुम (4) सबको रोता देख अचंभित रह गई। लेकिन जब मां की अर्थी उठने लगी तो बेटियां फफक कर चीखने लगी। जिसे देख वहां हर आंख छलक उठी।
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