प्लास्टिक मुक्ति का पहला सबक मंत्री पिएंगे तांबे की बोतल में पानी

लखनऊ। अपने मंत्रिमण्डल के सदस्यों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) लखनऊ में आयोजित ‘मंथन-2’ प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कहा कि प्रदेश के विकास को गति देने के लिए नए तरीके सीखना आवश्यक है।

लखनऊ। अपने मंत्रिमण्डल के सदस्यों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) लखनऊ में आयोजित ‘मंथन-2’ प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कहा कि प्रदेश के विकास को गति देने के लिए नए तरीके सीखना आवश्यक है। यूपी को एक ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाने में यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता तक विकास के लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए टीम वर्क अत्यन्त आवश्यक है। सरकार के सभी विभाग किस प्रकार से आपसी तालमेल बनाकर प्रदेश के विकास को गति दे सकते हैं, हम इन सब पहलुओं पर लगातार मंथन कर रहे हैं, ताकि प्रदेश के लोगों को बेहतर ढंग से लाभान्वित किया जा सके।

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इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर पर्यावरण के प्रति बेहद संजीदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईआईएम क्लास में जाने वाले मंत्रियों और अफसरों को तांबे की बोतल और बैग दिया। उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद मंत्री व अधिकारी तांबे की बोतल में पानी पियेंगे। सरकारी आवास से आइआइएम रवाना होने से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मंथन का एक विशेष कार्यक्रम आइआइएम के साथ शुरू किया है।

लक्ष्यों को हासिल करने पर थी नजर

पहले चरण में मंत्रियों के साथ बैठ कर सुशासन का रोडमैप तैयार करने के लिए बैठक हुई थी। आज सभी मंत्री व अधिकारियों को भी इस बैठक में शामिल किया गया है। एक टीम वर्क के लिए आज यह बैठक है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लक्ष्यों को कैसे प्राप्त कर सकते है। इस लिए टीम वर्क जरूरी है। आज इस विषय पर अध्ययन होगा। मुझे विश्वास है कि हम आइआइएम जैसे संस्थान के साथ मिल कर एक बड़ी दिशा में काम के सकते है। प्रथम चरण सकारात्मक रहा। आज दूसरा चरण है। जिसके लिए हम आई आई एम जा रहे हैं। 22 सितंबर को तीसरा चरण होगा जिसमें हम फिर एक बार बैठेंगे।

छात्र की भूमिका में थे सभी

इसके बाद पांच कालीदास मार्ग से छह लक्जरी बस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी तथा शासन के शीर्ष अधिकारी सुशासन का पाठ पढने के क्रम में रविवार को इस महीने में दूसरी बार भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) आइआइएम पहुंचे। लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम ( मंथन ) के तहत इनकी पहली क्लास आठ सितंबर को लगी थी।उत्तर प्रदेश में सुशासन की परिकल्पना को पूरी तरह साकार करने के लिए दूसरे चरण के मंथन में आइआइएम लखनऊ में योगी आदित्यनाथ और उनके सहयोगी मंत्रियों के साथ रविवार को शासन के शीर्ष अधिकारी भी छात्र की भूमिका में थे। जहां टीम योगी ने टाइम मैनेजमेंट के साथ तनाव कम करने का पाठ पढ़ा।

सुशासन का रोडमैप

लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम मंथन-2 में शिरकत करने मंत्रिमण्डलीय सहयोगियों और शासन के वरिष्ठ अफसरों के साथ आईआईएम लखनऊ पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस प्रोग्राम का उद्देश्य आईआईएम के सहयोग से प्रदेश के समग्र विकास और सुशासन का रोडमैप तैयार करना है और एक टीम के रूप में उसे जमीन पर उतारना है।

नेतृत्व कौशल का मूल मंत्र

बताते चले कि आइएएम की इस पाठशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में बीते रविवार को यहां मंत्रियों ने प्रबंधन और नेतृत्व कौशल का मूल मंत्र सीखा था और इसके बाद यह उनकी व उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों की दूसरी क्लास थी। जबकि आगामी 22 सितंबर को तीन कक्षाओं के क्रम में तीसरी व अंतिम क्लास लगेगी। इस पाठशाला का अहम बिंदु यह था कि सरकार टीम के रूप में सोचे, दिखे और आगे बढ़े तो परिणाम बेहतर नजर आएंगे।