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बाकी सब तो ठीक, लेकिन साथी की बेवफाई से यहाँ अधिक दुखी होती हैं महिलाएं

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 9 July 2017 2:45 PM GMT

बाकी सब तो ठीक, लेकिन साथी की बेवफाई से यहाँ अधिक दुखी होती हैं महिलाएं
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लंदन : सोशल मीडिया पर अपने साथी के बारे में भावनात्मक बेवफाई से जुड़े संदेश पाकर पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक दुखी होती हैं। एक ताजा अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। ब्रिटेन में कार्डिफ मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों ने बताया कि दूसरी और पुरुष सोशल मीडिया पर अपनी महिला साथी के संबंध में भावनात्मक बेवफाई से कहीं अधिक यौनिक बेवफाई का खुलासा होने से दुखी होता है।

सर्वेक्षण के दौरान हालांकि भावनात्मक बेवफाई का सोशल मीडिया पर खुलासा होने के बाद पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक दुखी नजर आईं।

महिला तब अधिक दुखी होती हैं, जब भावनात्मक बेवफाई वाला संदेश उन्हें किसी विरोधी व्यक्ति से मिलता है।

वहीं पुरुषों के मामले में यह बिल्कुल उलट है। पुरुष किसी विरोध व्यक्ति की अपेक्षा अपने ही साथी से मिलने वाले बेवफाई के संदेश से अधिक दुखी होते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि, इन सबके बावजूद कुल मिलाकर सोशल मीडिया पर अपने साथी द्वारा बेवफाई का संदेश पाकर पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक दुखी होती हैं।

यह शोध डिजिटल युग में ईष्र्या की मौजूदगी को रेखांकित करता है। इस शोध के लिए अध्ययनकर्ताओं ने 21 पुरुषों व 23 महिला छात्रों का सर्वेक्षण किया था। यह शोध 'इवोल्यूशनरी साइकोलॉजिकल साइंस' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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