A French researcher made a machine

बता दें कि इस प्रक्रिया में पायरोलिजिंग यानी प्लास्टिक के अणुओं को तोड़कर उन्हें हल्के हाइड्रोकार्बन में बदला जाता है। क्रिस्टोफर ने इस क्रिसलिस को विकसित करने के लिए पर्यावरण संगठन 'अर्थ वेक' के साथ काम किया। इसकी कीमत करीब 50 हजार यूरो है।